बीजेपी ने दिल्ली सरकार पर फर्जी निर्माण श्रमिकों का रिजिस्ट्रेशन कराकर घोटाला (Scam) करने का आरोप लगाया है। बीजेपी ने दावा किया कि इस घोटाले वाले धन का इस्तेमाल आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए किया गया। बीजेपी की दिल्ली यूनिट के पूर्व अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी के साथ संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बीजपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की नियत में ही खोट है। पात्रा ने निर्माण श्रमिकों से संबंधित इसे भारत का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार का मामला बताया। साथ संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी आलू से सोना बना रहे थे और केजरीवाल जी पराली से सोना बना रहे हैं। केजरीवाल जी कहते हैं कि पराली से गत्ता बनता है, बिजली बनती है। इसके लिए पंजाब में रेडिमेड फैक्ट्री तैयार है। केजरीवाल के पास केवल पॉल्यूशन है, सॉल्यूशन नहीं है।
पात्रा ने कहा कि निर्माण श्रमिकों के लिए काम करने वाले तीन गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) ने फर्जीवाड़े के जरिये उनके रजिस्ट्रेशन में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया। बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार ने फर्जी निर्माण श्रमिकों के लिए 3,000 करोड़ रुपए जारी किए।
पात्रा ने कहा कि 2006 से 2021 के बीच दिल्ली सरकार के श्रम विभाग के तहत 13 लाख से अधिक निर्माण श्रमिक रजिस्ट्रेशन थे। इनमें से 9 लाख से अधिक 2018 से 2021 के बीच रजिस्टर्ड किए गए थे। उन्होंने कहा कि जांच में दिल्ली में दो लाख फर्जी रजिस्ट्रेशन का खुलासा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि 65,000 श्रमिकों के पास एक ही मोबाइल नंबर था, जबकि 15,700 के पास दिल्ली में एक ही आवासीय पता था और शेष 4,370 का एक ही स्थायी पता था।
उन्होंने कहा कि हालांकि, एक ही अस्थायी या स्थायी पते को शेयर करने वाला इनमें से कोई भी श्रमिक एक-दूसरे से जुड़ा नहीं है। पात्रा ने दिल्ली सरकार पर निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए निर्धारित राशि में हेराफेरी का आरोप लगाया और कहा कि इससे प्राप्त रकम को आम आदमी पार्टी से जुड़े कामकाज में लगाया गया।
