बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पटाखों को लेकर इन दिनों मुखर हैं। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बार फिर से पटाखों को लेकर बयान दिया है। छतरपुर में दीपावली के कार्यक्रम में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दीपावली पर पटाखों पर प्रतिबंध लगने की वकालत करने वालों की जमकर क्लास ली। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जो लोग पटाखों को लेकर प्रदूषण का हवाला दे रहे हैं वो न्यू इयर पर कुछ क्यों नहीं बोलते, यूक्रेन और रशिया का युद्ध क्यों नहीं रोकने की वकालत करते। लोग सिर्फ इसलिए पटाखों पर बयानबाज़ी करते हैं क्योंकि उन्हें हिंदू त्योहारों से दिक्कत है।
कर्मचारियों को मिठाई, चांदी के सिक्के और दक्षिणा दी
छतरपुर के बागेश्वर धाम पर दीपावली का का त्यौहार भक्तिमय माहौल के साथ श्रद्धा और उत्साह से मनाया गया। पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने बागेश्वर धाम में सेवा कर रहे सेवादारों और कार्य कर रहे कर्मचारियों को मिठाई, चांदी के सिक्के और दक्षिणा दी। बाबा बागेश्वर ने सबसे पहले गौशाला में गौ, अश्व और वाहन पूजन कर शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने बागेश्वर बालाजी के मंदिर में दीप प्रज्ज्वलित किए और खूब पटाखे फोड़े और दीपोत्सव की शुभकामनाएं दीं।
भक्तों ने भी कई तरह से दीपदान किया
इस मौके पर धाम पर देशभर से पहुँचे भक्तों ने भी कई तरह से दीपदान किया। किसी ने राम नाम लिखकर, तो किसी ने ‘श्री राम जय राम’, ‘ॐ’, पादुका और अन्य धार्मिक प्रतीकों के आकार में रंगोली बनाकर दीप सजाए। इस दौरान बाबा बागेश्वर ने कहा कि उन्हें पटाखे खास पसंद नहीं लेकिन लेकिन उन्होंने ने भी इस बार पटाखे फोड़े क्योंकि दीपावली मे कुछ लोगो को पटाखों से दिक्कत है। वह ज्ञान ज्यादा देते है , विश्व मे खूब पटाखे फोडे जाते है, तब प्रदूषण नही होता है लेकिन ज्ञान देने वाले हमारे त्यौहारों मे इसलिए ज्ञान देते है क्योंकि उन्हे हिंदूओ के त्यौहारों से दिक्कत है।
'कई लोगों ने दीपावली पर बहुत ज्ञान दिया'
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि कोई बात नहीं करता, पटाखा क्यों चलाना चाहिए। पर कई लोगों ने कहा कि पटाखे नहीं चलाने चाहिए, लेकिन हम नहीं माने, हम वैसे भी पटाखों से दूर रहते हैं क्योंकि वो फटते हैं। फटने वाले चीज़ों और लोगों से दूरी बनानी चाहिए। जिसके पेट में बात नहीं रहती उससे दूर रहो। ऐसे लोग जो फट जाते हैं उनसे दूरी की अच्छी, वैसे हम पटाखों से दूरी बनाते हैं लेकिन कई लोगों ने दीपावली पर बहुत ज्ञान दिया कि पटाखों से प्रदूषण होता है। इतने सालों से यूक्रेन औऱ रशिया का युद्ध हो रहा है तब प्रदूषण नहीं हो रहा। एक बात औऱ बताओ कि कितने मैच जीतने के बाद करोड़ों के पटाखे जलाए जाते हैं, तब क्या प्रदूषण नहीं होता, उस पर कोई क्यों नहीं बोलता। कितनी शादियों में पटाखे नहीं चलते, एक जनवरी को न्यू इयर पर पूरी दुनिया पटाखे चलाती है तब प्रदूषण नहीं होता। दरअसल कुछ लोग सिर्फ इसलिए पटाखों के प्रदूषण की बात करते हैं क्योंकि उन्हें पटाखों से दिक्कत है। वैसे पटाखे नहीं जलाने चाहिए लेकिन अगर कोई रोके तो जरूर चलाना।
