Tamil Nadu Election: तमिलनाडु में हुए विधानसभा चुनाव नतीजों ने हर किसी को हैरान कर दिया है। महज दो साल पुरानी एक्टर जोसेफ विजय चंद्रशेखर की पार्टी टीवीके ने चुनाव में परचम लहरा दिया है। अब वह सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। विजय की पार्टी ने पहली बार चुनावी मैदान में कदम रखा और किसी फंतासी फिल्म की तरह विपक्ष को ध्वस्त करते हुए जीत हासिल कर ली। नतीजे बेहद चौंकाने वाले रहे।
एक वोट से मिली जीत
तमिलनाडु चुनाव नतीजों ने उद्योगपति आनंद महिंद्रा को भी काफी प्रभावित किया है। महिंद्रा अकसर सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं और एक्स पर संदेश देकर ऐसे मुद्दों पर लोगों का ध्यान खींचते हैं, जिन्हें अकसर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। तमिनलनाडु चुनाव में एक सीट पर मुकाबला कुछ ऐसा रहा कि टीवीके का उम्मीदवार महज एक वोट से जीत गया। इसे लेकर ही महिंद्रा ने इस बार एक्स पर पोस्ट किया है।
आनंद महिंद्रा ने लिखा - हाल ही में हुए राज्य चुनावों के नतीजे हर लिहाज से बेहद नाटकीय रहे हैं। लेकिन मेरे लिए, यह तस्वीर चुनावों का सबसे अविस्मरणीय परिणाम रहेगी। तमिलनाडु के इस निर्वाचन क्षेत्र में दो प्रमुख उम्मीदवारों के बीच 166,000 से अधिक वोट पड़े। और महज एक वोट ने इतिहास बदल दिया।
उन्होंने कहा, यह तस्वीर देश के हर स्कूल में और शायद दुनिया भर में दिखाई जानी चाहिए। ताकि हर बच्चा समझ सके कि जब वे बड़े होंगे, तो उनके पास जो सबसे बड़ी शक्ति होगी, वह है एक व्यक्ति की शक्ति। उसके एक वोट की शक्ति।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणाम
तमिलनाडु, जो पिछले 50 वर्षों से द्रविड़ राजनीति का गढ़ रहा है और जहां डीएमके और एआईएडीएमके का वर्चस्व रहा है, अब बदलाव के लिए तैयार है। अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) ने 107 सीटें जीती हैं और चुनाव के बाद गठबंधन की तलाश में है। एमके स्टालिन की डीएमके हार गई है, मुख्यमंत्री ने अपना गढ़ कोलाथुर भी टीवीके के हाथों खो दिया। पार्टी ने 59 सीटें जीती हैं। वहीं, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम (एआईएडीएमके) ने 47 सीटें जीतीं। कांग्रेस ने 5 सीटें जीतीं।
वहीं, विजय की टीवीके ने 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में 108 सीटें जीतीं, जो बहुमत से कम है। साधारण बहुमत से सरकार बनाने के लिए उन्हें 10 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। कांग्रेस ने पांच सीटें जीती हैं, जबकि पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) ने चार सीटें हासिल की हैं। सीपीआई और सीपीआई-एम को दो-दो सीटें मिली हैं।
