कतर पिछले सात महीने से जेल में बंद आठ पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारियों का मुश्किल दौर खत्म होता नहीं दिख रहा है। कतर इन पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारियों के खिलाफ आरोप तय कर रहा है। इससे इनके भारत लौटने की उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है। ये सेवानिवृत्त अधिकारी कतर नौसेना को प्रशिक्षण देने वाली एक निजी कंपनी के लिए काम कर रहे थे। उन्हें अगस्त के आखिर में बिना किसी कारण बताए एकांत कारावास में रखा गया है।
इनके परिवारजन इनकी रिहाई और स्वदेश वापसी के लिए भारत सरकार से लगातार मदद मांग रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने भी कहा है कि इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है, लेकिन सात महीने बाद भी कोई सफलता हासिल नहीं हुई है। इससे कतर पर राजनयिक दबाव डालने की सरकार की क्षमता पर सवाल उठने लगे हैं। यह सब तब हो रहा है जब कतर के साथ भारत के मजबूत संबंध बताए जाते हैं। हिरासत में लिए गए इन पूर्व भारतीय नौसेना अफसरों को बताया गया है कि उनके खिलाफ आरोप तय किए जाएंगे और वे कतर की अदालतों में मुकदमे का सामना करेंगे। न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने अज्ञात व्यक्तियों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी है।
ये 8 पूर्व अधिकारी हिरासत में हैं
पूर्व अधिकारियों में कैप्टन नवतेज सिंह गिल, कैप्टन बीरेंद्र कुमार वर्मा, कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कमांडर अमित नागपाल, कमांडर पुरेनेंदु तिवारी, कमांडर सुगुनकर पाकला, कमांडर संजीव गुप्ता, और नाविक रागेश को कतर की खुफिया एजेंसी ने 30 अगस्त 2022 को दोहा से हिरासत में लिया था। आठ बार उनकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। बताया जा रहा है कि कतर के अधिकारियों द्वारा उनके साथ ठीक व्यवहार किया गया है। लेकिन चिंता की बात है कि उनके खिलाफ कोई आरोप तय किए बिना ही वे हिरासत में हैं। शुरुआत में ही विदेश मंत्रालय ने इनके परिवारों से कहा था कि कतर ने इन पर लगे आरोप के बारे में सूचित नहीं किया है।
हिरासत में लिए गए कुछ अधिकारियों ने युद्धपोतों पर प्रमुख पदों पर काम किया है और अपनी सेवा के लिए उन्हें पहचान भी मिली है। उदाहरण के लिए कैप्टन गिल ने एक कैडेट के रूप में स्वॉर्ड ऑफ ऑनर हासिल किया है और भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले युद्धपोत आईएनएस विराट के लिए नेविगेशन अधिकारी रह चुके हैं। 2002 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले कैप्टन तिवारी को कतर के साथ भारत के संबंधों को आगे बढ़ाने और विदेशों में देश की छवि को बढ़ाने के लिए 2019 में प्रवासी भारतीयों के लिए देश के सर्वोच्च सम्मान प्रवासी भारतीय सम्मान से नवाजा गया था।
कतर नौसेना को प्रशिक्षण देते थे
इन अधिकारियों ने डाहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज एंड कंसल्टिंग सर्विसेज के लिए काम किया है। इसकी वेबसाइट बंद किए जाने से पहले इसमें लिखा हुआ था कि कंपनी कतर नौसेना को प्रशिक्षण प्रदान करती है। कंपनी ने कथित तौर पर पिछले साल दिसंबर तक 150 से अधिक पूर्व भारतीय नौसैनिकों को नियुक्त किया था। इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी, ओमानी वायु सेना के एक सेवानिवृत्त अधिकारी खमीस अल अजमी को भी कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया था। जब वह अपने कर्मचारियों की रिहाई की कोशिश करने के लिए दोहा गए थे तब उन्हें हिरासत में लिया गया था। हालांकि, कतर द्वारा फुटबॉल विश्व कप की मेजबानी करने से ठीक पहले नवंबर में अजमी को छोड़ दिया गया था। लेकिन इन 8 अधिकारियों की कब रिहाई होगी और सरकार की ओर किस तरह के प्रयास किए जा रहे हैं इसकी कोई खबर नहीं है।
