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भारत के दुश्मनों के लिए दुनिया में कोई जगह सुरक्षित नहीं है- तमिलनाडु में बोले पीएम मोदी, गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर में की पूजा

पीएम मोदी रविवार को मालदीव के बाद सीधे तमिलनाडु पहुंचे थे, जहां उन्होंने कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलांन्यास किया था। आज पीएम मोदी, चोल सम्राट राजेंद्र चोल प्रथम की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके अलावा पीएम मोदी ने गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।

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तमिलनाडु में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी (फोटो- @BJP)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को एक ऐतिहासिक अवसर पर देश को संबोधित करते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने वैश्विक समुदाय को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अगर भारत की संप्रभुता और सुरक्षा पर हमला हुआ, तो भारत उसका सशक्त और निर्णायक उत्तर देगा। यह टिप्पणी उन्होंने चोल सम्राट राजेंद्र चोल प्रथम की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में की, यह कार्यक्रम महान चोल सम्राट राजेंद्र चोल प्रथम की जयंती को रेखांकित करता है, जिसे ‘आदि तिरुवथिरई' (तमिल माह आदि में राजा का जन्म नक्षत्र तिरुवथिरई है) उत्सव के रूप में मनाया जाता है।

ऑपरेशन सिंदूर पर पीएम मोदी ने क्या

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर न सिर्फ एक सफल सैन्य कार्रवाई थी, बल्कि यह पूरे देश में एक नई आत्मशक्ति और आत्मविश्वास का संचार भी लेकर आया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस ऑपरेशन ने यह साबित कर दिया कि भारत के दुश्मनों और आतंकवादियों के लिए अब कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं बची है। प्रधानमंत्री ने कहा- "दुनिया ने देखा कि अगर कोई भारत की सुरक्षा और संप्रभुता पर हमला करता है, तो भारत कैसे जवाब देता है। ऑपरेशन सिंदूर ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत अब किसी भी प्रकार की आक्रामकता को सहन नहीं करेगा।"

सम्राट राजराज चोल की बनेगी प्रतिमा

उन्होंने यह भी साझा किया कि जब वे हेलीपैड से कार्यक्रम स्थल की ओर आ रहे थे, तो मार्ग पर जनसैलाब उमड़ पड़ा और सड़कों पर "ऑपरेशन सिंदूर" की सराहना करते लोगों का जोश और उत्साह देखने को मिला, जो देश में इस अभियान के प्रभाव को दर्शाता है। मोदी ने कहा कि सम्राट राजराज चोल और उनके पुत्र राजेंद्र चोल-प्रथम के नाम भारत की पहचान और गौरव के पर्याय हैं । उन्होंने घोषणा की कि तमिलनाडु में उनकी भव्य प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी और ये प्रतिमाएं ‘‘हमारे ऐतिहासिक जागरण के आधुनिक स्तंभ’’ होंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र पर टिप्पणी करते हुए कई लोग ब्रिटेन के मैग्नाकार्टा का जिक्र करते हैं, जबकि चोल कालीन ‘कुडवोलाई प्रणाली’ उससे भी पुरानी है। उन्होंने कहा कि चोल काल में अपनाई गई यह प्रणाली 1,000 साल से भी ज्यादा पुरानी है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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