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संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान के पिता का दावा उसके कमरे से मिली 'खिलौना' बंदूक

अयोध्या में राम मंदिर पर हमले की साजिश रच रहे संदिग्ध आतंकवादी अब्दुल रहमान को गुजरात एटीएस और फरीदाबाद एसटीएफ को गिरफ्तार किया है। इस मामले में संदिग्ध के पिता का कहना है पुलिस उन्हें भी पूछताछ के लिए थाने ले गई थी। इस दौरान घर की तलाशी में उनके बेटे के कमरे से रुपये और खिलौना बंदूक मिली थी।

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अयोध्या राम मंदिर पर हमला करना चाहता था अब्दुल रहमान!

Photo : Twitter

गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) और फरीदाबाद स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कल यानी सोमवाहर 3 मार्च को एक संयुक्त ऑपरेशन में आतंकी कनेक्शन के संदेह में एक युवक को गिरफ्तार किया था। अब्दुल रहमान (19) पुत्र अबूबकर उत्तर प्रदेश के फैजाबाद (अयोध्या) का मूल निवासी है। संदिग्ध को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया था, जहां वह आतंकी साजिश को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था। पुलिस ने उसके पास से दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए थे। अब इस मामला में Timesnow ने उसके माता-पिता से बात की है। इस दौरान संदिग्ध आतंकी के पिता के चौंकाने वाले खुलासे किए।

जमा में शामिल होने गया, फोन स्विच ऑफ

संदिग्ध आतंकवादी अब्दुल रहमान के परिवार का कहना है कि वह जांच-पड़ताल में पुलिस के साथ पूरा सहयोग करेंगे। इसके साथ ही परिवार का कहना है कि अगर अब्दुल दोषी पाया जाता है तो वे अपने बेटे का साथ नहीं देंगे। परिवार का कहना है कि वह 1 मार्च को ही दिल्ली गया था। उस समय वह घर पर यह कहकर गया था कि वह जमात में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहा है। इसके बाद अगले दिन उसका फोन स्विच ऑफ हो गया।

संदिग्ध आतंकी का अहमदाबाद में हुआ था ऑपरेशन

परिवार का कहना है कि उन्हें अब्दुल रहमान के पकड़े जाने की खबर मीडिया के जरिए मिली और बाद में उन्हें भी पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन ले जाया गया। परिवार का कहना है कि सोमवार सुबह 8 बजे उन्हें पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन ले गए और शाम को छोड़ दिया गया। परिवार ने बताया कि अब्दुल एक हार्ट पेशेंट था और साल 2009 में गुजरात के अहमदाबाद में उसका ऑपरेशन हुआ था।

अब्दुल के कमरे से मिली खिलौना बंदूक

परिवार ने बताया कि पुलिस ने उनके घर में जांच-पड़ताल की और इस दौरान उन्होंने अब्दुल की चीजों को देखा। संदिग्ध आतंकी के पिता का कहना है कि पुलिस को अब्दुल के कमरे से कुछ कैश और एक लकड़ी की बंदूक भी मिली है। उन्होंने बताया कि यह एक खिलौना बंदूक है।

इधर केंद्रीय जांच एजेंसियों के अनुसार अब्दुल रहमान ने स्वीकार किया है कि उसने इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (ISKP) के समर्थन में निष्ठा की शपथ ली थी। सूत्रों का कहना है कि हो सकता है आरोपी ने खुद को कट्टरपंथी बना हो और उसने ऑनलाइन निष्ठा की शपथ ली हो।

इनपुट - टाइम्स नाउ रिपोर्टर अनुज

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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