एजुकेशन

"रैंक का सपना नहीं देखा, सिर्फ मेहनत": कोटा के कृतिक जैन ने Re-NEET में हासिल किया AIR 18

Re-NEET UG 2026 का रिजल्ट आया और कृतिक ने AIR 18 हासिल की। आज वो देश के टॉप 20 मेडिकल एस्पिरेंट्स में हैं। इनकी कहानी में कोई शॉर्टकट नहीं है। सिर्फ 3 चीजें हैं - मेहनत, परिवार का साथ, और खुद पर भरोसा।

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Kritik Jain Success Story

NEET UG Topper 2026 Kritik Jain AIR 18 Success Story: कड़ी मेहनत, परिवार का साथ और खुद पर भरोसा-यही तीन चीजें किसी भी बड़े सपने को सच कर सकती हैं। इसका बेहतरीन उदाहरण हैं राजस्थान के कोटा के रहने वाले कृतिक जैन, जिन्होंने Re-NEET UG 2026 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 18 हासिल कर देश के टॉप रैंकर्स में अपनी जगह बनाई। उनकी इस सफलता ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों को भी प्रेरित किया है।

आज वो देश के टॉप 20 मेडिकल एस्पिरेंट्स में हैं। लेकिन इस कहानी में कोई शॉर्टकट नहीं है। सिर्फ 3 चीजें हैं - मेहनत, परिवार का साथ, और खुद पर भरोसा।"

पढ़ाई करते समय उनके दिमाग में रैंक नहीं थी, वो केवल अपना बेस्ट देना चाहते थे ताकि पेपर वाले दिन पछतावा न महसूस करें। इसलिए उन्होंने अपनी तैयारी में हर संभव कोशिश की, कोई बहाना अपनी तैयारी के बीच नहीं आने दिया।

घर ही था सबसे बड़ा कोचिंग सेंटर

इस सफर में सबसे बड़ा रोल था कृतिक के मम्मी-पापा का। नंबर अच्छे आए तो पीठ थपथपाई। नंबर कम आए तो डांटा नहीं। बस एक लाइन कही - "कोई बात नहीं बेटा, अभी बहुत स्कोप है। लगे रहो।" माता पिता ने कभी कृतिक का मनोबल गिरने नहीं दिया। यही उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बनी।

गिरे भी, पर रुके नहीं

ऐसा नहीं है, तैयारी के दौरान हर टेस्ट में टॉप करते थे। कई मॉक में कम नंबर आने का भी स्वाद चखा है। लेकिन वो हर गलती को डायरी में नोट करते, और उसे कमी को पूरा करने की 100 प्रतिशत कोशिश करते।

कम नंबर आना फेल होना नहीं होता है, वो बताता है कि अगली बार कहां सुधार करने की जरूरत है, बस यही फॉर्मूला कृतिक ने भी अपनाया और रिजल्ट दुनिया के सामने है।

कृतिक से 3 सीख जो हर NEET एस्पिरेंट को काम आएंगी

1. रैंक को भूलो, प्रोसेस को पकड़ो।

2. घर को वार जोन मत बनाओ, रिलैक्स होकर पढ़ने की कोशिश करें

3. खराब टेस्ट के बाद उदास मत बैठो। अपनी कमी पर काम करें।

20 लाख में AIR 18

16 जुलाई 2026 को NTA ने Re-NEET के नतीजे जारी किए। इसमें 20 लाख छात्र बैठे थे, जिनमें से 11.21 लाख क्वालीफाई हुए। इतनी बड़ी फौज में से टॉप 20 में जगह बनाना आसान नहीं रहा होगा लेकिन मेहनत से सब मिलता है। कृतिक ने साबित कर दिया कि सही रणनीति + अनुशासन + धैर्य = नामुमकिन को भी मुमकिन कर सकता है।

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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