Tawang Clash : भारतीय सेना के जवानों का पराक्रम, शौर्य एवं वीरता एक बार फिर तवांग सेक्टर के यांग्सी में दिखी है। चीनी सैनिकों के साथ भारतीय जवानों की भिड़ंत का जो वीडियो वायरल हुआ है, बताया जा रहा है कि वह नौ दिंसबर को यांग्सी में हुई झड़प का है। इस संघर्ष को तवांग झड़प का वीडियो बताकर इसे सोशल मीडिया में खूब शेयर किया जा रहा है। वीडियो अगर तवांग का है तो इसमें भारतीय जवानों की वीरता साफ झलक रही है। इस पूरे संधर्ष में भारतीय सेना चीन की सेना पीएलए के जवानों पर हावी है और डंडों से उनकी पिटाई कर रही है। भारतीय सेना की जांबाजी के आगे पीएलए ने घुटने टेक दिए और वहां से भागने के लिए मजबूर हो गए।
PLA को लग गया आने वाली है अतिरिक्त भारतीय फौज
चीन के सैनिक इसलिए भी भागने पर मजबूर हो गए क्योंकि जैसे ही चीन के अतिक्रमण का पता चला, अतिरिक्त भारतीय सैनिकों को तुरंत वहां रवाना कर दिया गया। चीन की तुलना में पहले भारतीय सैनिक इसलिए कम थे, क्योंकि भारतीय सेना की वो यूनिट सिर्फ पेट्रोलिंग के लिए होती है। इसके अलावा एक क्विक रिएक्शन टीम होती है, जो LAC पर जरूरत पड़ने पर चीन की ताकत के बराबर सैनिक तुरंत इकट्ठा करती है।
आधे घंटे की भीतर वहां से भाग गए
पेट्रोलिंग टीम, क्विक रिएक्शन टीम के अलावा LAC पर भारतीय सेना की एक और लेयर होती है, जिसे 2020 के बाद से नए डेवलपमेंट प्लान के तहत बनाया गया था। इसी वजह से चीन के सैनिक वहां से आधे घंटे के अंदर भाग गए क्योंकि एक तो पहले ही उन्हें जवाब मिल गया फिर उन्हें लगा कि तुरंत भारत की अतिरिक्त फोर्स भी आ जाएगी।
रणनीतिक लोकेशन पर आने का था इरादा
अब इसकी टाइमिंग को समझिए कि चीन की सेना ने इसी वक्त यांग्सी में अतिक्रमण की कोशिश क्यों की। इस इलाके में बर्फबारी शुरू होने की वजह से इस मौसम में अक्सर कुछ भारतीय टुकड़ियां अपनी पोजीशन से हटती रही हैं और दूसरी टुकड़ियां उनकी जगह लेती हैं। चीन ने इसी मौके का फायदा उठाने की कोशिश में अतिक्रमण की प्लानिंग की। जिससे वो इस इलाके में अतिक्रमण करके रणनीतिक लोकेशन पर आ जाएं और भारतीय सेना पर दबाव बना दें। लेकिन चीन की प्लानिंग तवांग में नाकाम हो गई। और चीन को उसी की भाषा में जवाब मिल गया।
