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'बिल्लियों' से भरी है तमिलनाडु BJP, स्टालिन के गुर्राने पर करने लगती है म्याऊं-म्याऊं- बोले सुब्रमण्यम स्वामी

  • Edited by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Dec 5, 2022, 09:14 AM IST

भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी के इस दावे के बाद माइक्रो ब्लॉगिंग प्लैटफॉर्म टि्वटर पर लोगों ने भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं।

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सुब्रमण्यम स्वामी और एमके स्टालिन। (फाइल फोटो)

Photo : IANS

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सीनियर नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने अपनी पार्टी की तमिलनाडु इकाई पर सवाल खड़े किए हैं। उनका दावा है कि प्रदेश बीजेपी बिल्लियों से भरी है, जो पूर्व सीएम एम.करुणानिधि के बेटे एमके स्टालिन के गुर्राने पर म्याऊं-म्याऊं करने लगती हैं।

उनके ट्वीट के मुताबिक, "ऐसा लगता है कि तमिलनाडु में मैं डीएमके का इकलौता विरोधी हूं। तमिलनाडु बीजेपी बिल्लियों से भरी हुई है, जो स्टालिन के गुर्राने पर ही म्याऊं-म्याऊं करती हैं। सिनेमा संस्कृति ने तमिलनाडु भाजपा को बर्बाद कर दिया है।"

subramaniam swamy tweet

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भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी के इस दावे के बाद माइक्रो ब्लॉगिंग प्लैटफॉर्म टि्वटर पर लोगों ने भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं।@sumit_kochhar के हैंडल से कहा गया- इतना ही नहीं...आप (टैग करते हुए) मॉडिफाइड (बदल चुकी) बीजेपी के एकमात्र विरोधी हैं, जो भारत के पास हैं। केवल आप ही हैं, जो हमेशा चीन, अर्थव्यवस्था, विदेश नीति, भ्रष्टाचार या हिंदुत्व जैसी वास्तविक चुनौतियों को सामने लाए हैं और हमेशा भारत के लिए सबसे अच्छा विकल्प पेश किया है।

@RITHESH_SALIAN ने लिखा, "तमिलनाडु में अगर कभी बीजेपी जीती तब आप सीएम होंगे।" @nviswam के अकाउंट से कहा गया कि सर, तमिलनाडु में सभी राष्ट्रीय पार्टियां पुसी कैट्स (बिल्लियां) रही हैं।

@TweetsJoshiji ने कहा- इसका मतलब है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में तमिलनाडु बीजेपी 2014 के बाद से नहीं सुधरी। कुछ आपसी समझ को विश्वगुरु के 'न्यू इंडिया' के बयानबाजी के अनुरूप बनाया गया है, जहां कांग्रेस एक पार्टी के रूप में संघर्ष कर रही है। यहां तक कि दक्षिण भारतीय राज्य पार्टियां भी राजनीतिक प्रोत्साहन के

पदार्थ के रूप में हैं।

स्वामी मौजूदा समय में विराट हिंदुस्तान संगम के अध्यक्ष हैं। वह पूर्व कैबिनेट मंत्री, छह बार सांसद और बीजेपी सदस्य भी हैं। उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से इकनॉमिक्स में पीएचडी की है और पूर्व प्रोफेसर भी हैं।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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