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सुरेखा यादव के नाम से जुड़ा एक और 'नगीना', वंदे भारत ट्रेन चलाने वाली पहली महिला लोको पायलट बनीं

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Mar 14, 2023, 12:54 PM IST

Surekha Yadav : मध्य रेलवे ने अपने एक बयान में कहा कि यह ट्रेन 13 मार्च को सोलापुर स्टेशन से मुंबई के लिए रवाना हुई और अपने तय समय से पांच मिनट पहले सीएसएमटी पहुंच गई। रेलवे ने कहा कि इस यात्रा में ट्रेन ने 450 किलोमीटर की लंबी दूरी तय की।

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वंदे भारत ट्रेन चलाने वाली पहली महिला लोको पायलट हैं सुरेखा यादव।

Photo : Twitter

Surekha Yadav : एशिया की पहली महिला लोको पायलट सुरेखा यादव के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। सुरेखा सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को चलाने वाली पहली भारतीय महिला लोको पायलट भी बन गई हैं। उन्होंने सोमवार को सोलापुर और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के बीच इस ट्रेन की कमान संभाली। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सुरेखा की इस उपलब्धि को अपने ट्विटर हैंडल पर साझा किया। खास बात यह है कि सुरेखा ने तय समय से पांच मिनट पहले ट्रेन को उसके गतंव्य पर पहुंचा दिया।

5 मिनट पहले पहुंचाई ट्रेन

मध्य रेलवे ने अपने एक बयान में कहा कि यह ट्रेन 13 मार्च को सोलापुर स्टेशन से मुंबई के लिए रवाना हुई और अपने तय समय से पांच मिनट पहले सीएसएमटी पहुंच गई। रेलवे ने कहा कि इस यात्रा में ट्रेन ने 450 किलोमीटर की लंबी दूरी तय की। यह उपलब्धि हासिल करने पर सीएसएमटी के प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर सुरेखा यादव को सम्मानित किया गया।

रेल मंत्री ने नारी शक्ति को सलाम किया

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'वंदे भारत को मिली नारी शक्ति। वंदे भारत एक्सप्रेस की पहली महिला लोको पायलट श्रीमती सुरेखा यादव बनी हैं।' सुरेखा महाराष्ट्र के पश्चिमी इलाके सतारा की रहने वाली हैं। उन्हें साल 1998 में भारत की पहली महिला लोको पायलट बनने का अवसर मिला। महिला लोको पायलट के रूप में अब तक उन्होंने कई उपलब्धियां अपने नाम की हैं। इन उपलब्धियों के लिए राज्य एवं राष्ट्र स्तर पर उन्हें कई खिताब मिल चुके हैं।

10 फरवरी को पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत 10 फरवरी को दो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों सीएसएमटी-सोलापुर और सीएसएमटी-साईनगर शिरडी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों रेल मार्गों पर ट्रेनों का परिचालन करने वाले लोको पायलटों को विशेष रूप से ट्रेनिंग दी गई है। यात्रा के दौरान उन्हें ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है।
आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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