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Supreme Court: पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने ED को भेजा नोटिस, 29 अप्रैल तक मांगा जवाब

Supreme Court: उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी की जमानत याचिका को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जवाब मांगा है।

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सेंथिल बालाजी की जमानत याचिका पर SC ने ED को भेजा नोटिस

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Supreme Court: उच्चतम न्यायालय ने धन शोधन के एक मामले के संबंध में पिछले साल गिरफ्तार किए गए तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी की जमानत याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) से सोमवार को जवाब मांगा। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां ने ईडी को नोटिस जारी किया और उसे 29 अप्रैल तक जवाब देने का निर्देश दिया। मद्रास उच्च न्यायालय ने 28 फरवरी को बालाजी की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि अगर उन्हें इस तरह के मामले में जमानत पर रिहा किया जाता है तो इससे गलत संदेश जाएगा और यह वृहद जनहित के खिलाफ होगा। उसने कहा था कि चूंकि याचिकाकर्ता (आरोपी) लगभग आठ महीने से हिरासत में है, इसलिए धन शोधन मामलों की सुनवाई कर रही विशेष अदालत को दैनिक आधार पर सुनवाई कर इसे तीन महीने के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए जाते हैं।

तीन बार सेंथिल की जमानत याचिका हो चुकी है खारिज

उच्च न्यायालय ने आदेश दिया था कि मुकदमे की सुनवाई उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए दिशा निर्देशों के अनुसार नियमित आधार पर की जाए। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ‘नकदी के बदले नौकरी’ घोटाले में 14 जून 2023 को सेंथिल बालाजी को गिरफ्तार किया था। यह घोटाला पूर्ववर्ती अन्नाद्रमुक सरकार के दौरान का है जब बालाजी परिवहन मंत्री थे। ईडी ने पिछले साल 12 अगस्त को बालाजी के खिलाफ 3,000 पृष्ठों का आरोपपत्र दाखिल किया था। उच्च न्यायालय ने पहले 19 अक्टूबर को बालाजी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। एक स्थानीय अदालत ने भी तीन बार उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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