देश

UGC के नए नियमों पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इन मुद्दों पर जतायी आपत्ति, लगाई रोक

UGC के नए नियमों पर आज यानी गुरुवार 29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इन नए नियमों पर रोक लगा दी है। जानिए सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने किन अहम मुद्दों पर यूजीसी से तीखे प्रश्न पूछे और मुद्दों पर आपत्ति जतायी।

Image

सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए नियमों पर लगाई रोक

UGC के नए नियम पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल के लिए रोक लगा दी है। अब इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी। इसके साथ ही कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि जब तक नए नियमों पर कोई निर्णय नहीं होता, तब तक यूजीसी का 2012 का रेगुलेशन जारी रहेगा। CJI जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने UGC के नए नियमों में कई मुद्दों पर आपत्ति जतायी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पक्षकारों से कई तीखे प्रश्न भी पूछे।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी हम समाज को जातियों से मुक्त नहीं कर सके हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने पूछा कि क्या इस नए कानून से हम पीछे की ओर जा रहे हैं। CJI ने पूछा कि अगर दक्षिण भारत के किसी छात्र को उत्तर भारत की यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिलता है और उस पर टिप्पणी होती है तो क्या UGC के रेगुलेशन से उसे न्याय मिलेगा? कोर्ट ने कहा कि भारत की एकता हमारे शैक्षणिक संस्थानों में नजर आनी चाहिए। CJI ने UGC के नए नियमों पर रोक लगाते हुए कहा कि इस बीच किसी भी पीड़ित के साथ अन्याय न हो ये भी सुनिश्चित हो।

UGC के नए नियमों पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उठाए ये प्रश्न

  • सुनवाई के दौरान CJI ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, आजादी के 75 साल बाद भी हम समाज को जातियों से मुक्त नहीं कर पाए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या अब इस नए कानून के जरिए हम पीछे की ओर जा रहे हैं?
  • शीर्ष अदालत ने प्रश्न किया कि अगर दक्षिण भारत के किसी छात्र को उत्तर भारत की यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिलता और उस पर क्षेत्रीय आधार पर कोई टिप्पणी की जाती है तो क्या UGC का यह नया रेगुलेशन उसे न्याय दिलाने में सक्षम होगा?
  • सुप्रीम कोर्ट ने शैक्षणिक संस्थानों में एकता के मुद्दे पर जोर देकर कहा कि भारत की एकता हमारे शैक्षणिक संस्थानों में नजर आनी चाहिए।
  • सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान एक विशेष समिति का सुझाव भी दिया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, वे चाहते हैं कि कानूनविदों की एक कमेटी इस नए रेगुलेशन और उसके प्रावधानों पर विचार करे।
Gaurav Srivastav
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

और पढ़ें
End of Article