Electoral Bond Hearing : इलेक्टोरल बॉन्ड पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को फटकार लगाई। कोर्ट ने बैंक से पूछा कि उसके आदेश के बावजूद उसने अभी तक यूनिक आईडी नम्बर का खुलासा क्यों नहीं किया। प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा जब हमारा आदेश इस मामले में पहले से सपष्ट है तो एसबीआई डाटा रिलीज क्यों नहीं कर रहा है। CJI ने पूछा कि आप किस फॉर्मेट पर इलेक्टोरल बॉन्ड के डाटा रखते हैं। बैंक की तरफ से यह बताए जाने पर कि डाटा एल्फा न्यूमेरिक में रखा जाता है। इस पर सीजेआई ने कहा कि डाटा एल्फा न्यूमेरिक में रखने का क्या मतलब था? क्या ये सुरक्षा को लेकर था या कुछ और?
कैसे पता चलता था कि बॉन्ड फर्जी नहीं है?
प्रधान न्यायाधीश की अगुवाई वाली संवैधानिक पीठ ने पूछा कि अगर बॉन्ड को भुनाया जाता था तो ये कैसे पता चलता है की वह फर्जी नहीं है? हम चाहते हैं कि चुनावी बांड से संबंधित सभी जानकारी का खुलासा किया जाए जो आपके पास है। SBI का रवैया ऐसा है कि अदालत बताए कि किस-किस का खुलासा करना है।
गुरुवार तक हलफनामा दायर करे बैंक
सुप्रीम कोर्ट ने 12 अप्रैल 2019 से पहले खरीदे गए और भुनाए गए इलेक्टोरल बॉन्ड का खुलासा करने के लिए एसबीआई को निर्देश देने की मांग करने वाली अर्जी खारिज कर दी। कोर्ट ने एसबीआई के चेयरमैन को गुरुवार पांच बजे तक हलफनामा दायर करने का आदेश दिया है। बैंक को इस हलफनामे में बताना होगा कि उसने इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी सभी जानकारियों का खुलासा कर दिया है और उसके पास अब कोई जानकारी नहीं है।
हम सारा डाटा देंगे
शीर्ष अदालत ने कहा कि चुनावी बॉन्ड पर एसबीआई द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों को चुनाव आयोग अपनी वेबसाइट पर अपलोड करेगा। कोर्ट की फटकार के बाद एसबीआई ने कहा कि वह इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी हर एक जानकारी देगा। वह अपने पास कोई भी डाटा नहीं रखेगा।
