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Hormuz Blockade: 'एनर्जी सिक्योरिटी पर ईरान से बात; पर ज़्यादा नहीं...', होर्मुज ब्लॉकेड में राहत पर क्या बोली सरकार

विदेश मंत्री एस जयशंकर की अपने ईरानी समकक्ष के साथ बातचीत के बाद, MEA के प्रवक्ता ईरान द्वारा भारत के लिए तेल को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रने की अनुमति देने की रिपोर्टों के बारे में सवालों का जवाब दे रहे थे।

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होर्मुज ब्लॉकेड में राहत पर क्या बोली सरकार (फाइल फोटो:istock/canva)

विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को कहा कि भारत ने ईरान के साथ एनर्जी सिक्योरिटी और शिपिंग पर बातचीत की है, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी संभावित रुकावटों की चिंताओं के बीच और डिटेल्स शेयर करने से मना कर दिया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, MEA के प्रवक्ता ने कहा कि विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने अपने ईरानी समकक्ष के साथ तीन बार बातचीत की।

प्रवक्ता ने कहा, 'अपनी पिछली बातचीत में उन्होंने भारत की एनर्जी सिक्योरिटी और शिपिंग के मुद्दे पर चर्चा की थी। इसके अलावा मेरे लिए इस पर चर्चा करना जल्दबाजी होगी।'

विदेश मंत्री एस जयशंकर की अपने ईरानी समकक्ष के साथ बातचीत के बाद, MEA के प्रवक्ता ईरान द्वारा भारत के लिए तेल को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रने की अनुमति देने की रिपोर्टों के बारे में सवालों का जवाब दे रहे थे। होर्मुज जलडमरूमध्य से दो जहाजों के गुज़रने की रिपोर्टों पर कमेंट करते हुए, रणधीर जायसवाल ने कहा कि उन्हें अभी ज़्यादा क्लैरिटी नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकार शाम को बाद में एक डिटेल्ड अपडेट देगी।

'अभी देश में करीब 9,000 भारतीय हैं'

MEA ने ईरान में भारतीय नागरिकों के बारे में भी अपडेट दिया, जिसमें कहा गया कि अभी देश में करीब 9,000 भारतीय हैं। इसमें भारतीय छात्र, नाविक, व्यापारी और तीर्थयात्री शामिल हैं। 24 फरवरी को सरकार की जारी एडवाइजरी के बाद उनमें से कई पहले ही भारत लौट चुके हैं।

'कई भारतीयों, खासकर स्टूडेंट्स को सुरक्षित जगहों पर भेज दिया गया'

प्रवक्ता ने कहा कि लड़ाई शुरू होने के बाद, कई भारतीयों, खासकर स्टूडेंट्स को सुरक्षित जगहों पर भेज दिया गया है। MEA ने कहा, 'हम उन सभी भारतीयों की मदद कर रहे हैं जो देश वापस लौटना चाहते हैं। हमारा मिशन भारतीय समुदाय के संपर्क में है। हम उन भारतीयों को वापस लौटने के लिए बढ़ावा दे रहे हैं, जो ऐसा करना चाहते हैं।'

'अपनी गलतियों के लिए भारत पर इल्ज़ाम लगाना अब आम बात'

पाकिस्तान के इस आरोप का जवाब देते हुए कि अफगानिस्तान के साथ उसके झगड़े के लिए भारत जिम्मेदार है, MEA ने इस दावे को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया। प्रवक्ता ने कहा, 'हम ऐसे बेबुनियाद आरोपों को खारिज करते हैं। पाकिस्तान के लिए अपनी गलतियों के लिए भारत पर इल्ज़ाम लगाना अब आम बात हो गई है। दशकों से आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश के तौर पर, जब बॉर्डर पार आतंकवाद की बात आती है तो पाकिस्तान की कोई साख नहीं है।' MEA ने कहा कि 'कहानी सुनाने से यह सच्चाई नहीं बदलेगी, न ही पाकिस्तान के खुद को पीड़ित मानने से कोई बेवकूफ बनेगा।'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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