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लव जिहाद का मुद्दा नहीं है श्रद्धा हत्याकांड, बोले असदुद्दीन ओवैसी, बीजेपी पर लगाया राजनीति करने का आरोप

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Nov 24, 2022, 06:44 PM IST

श्रद्धा वालकर हत्याकांड (Shraddha murder case) को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है। जबकि यह यह लव जिहाद (Love Jihad) का मुद्दा नहीं है

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श्रद्धा वालकर हत्याकांड को लेकर असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी पर निशाना साधा

Photo : ANI

नई दिल्ली: दर्दनाक श्रद्धा वालकर हत्याकांड (Shraddha murder case) का हवाला देते हुए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर इस मुद्दे को धार्मिक कोण देने का आरोप लगाया और कहा कि यह घटना 'लव जिहाद' (Love Jihad) नहीं है। ओवैसी ने कहा कि इस पर बीजेपी की राजनीति पूरी तरह से गलत है। ओवैसी ने कहा कि इस पर बीजेपी की राजनीति पूरी तरह से गलत है। यह लव जिहाद का मुद्दा नहीं है, बल्कि एक महिला के खिलाफ शोषण और दुर्व्यवहार का है और इसे इसी तरह देखा जाना चाहिए और इसकी निंदा की जानी चाहिए।

आजमगढ़ की घटना को याद करते हुए जहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी और उसे एक सूटकेस में रखा। एआईएमआईएम चीफ ने कहा कि ऐसी घटनाएं दुखद हैं, इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए और इसे हिंदू-मुस्लिम का एंगल नहीं दिया जाना चाहिए। ओवैसी ने दिल्ली में चुनाव प्रचार के दौरान इस घटना को धार्मिक कोण देने के लिए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर कटाक्ष किया।

इससे पहले 20 नवंबर को सीएम सरमा ने कहा था कि भारत को समान नागरिक संहिता और 'लव जिहाद' के खिलाफ कानून की जरूरत है। दिल्ली नगर निगम चुनाव से पहले दिल्ली में रोड शो के दौरान असम के मुख्यमंत्री ने कहा था कि भारत को आफताब (श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी) जैसे व्यक्ति की नहीं, बल्कि भगवान राम जैसे व्यक्ति की, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे नेता की जरूरत है।

गुजरात विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के केवल 13 सीटों पर चुनाव लड़ने पर ओवैसी ने कहा कि हमें देश की जनता और संविधान पर भरोसा है और हमारी लड़ाई भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करेगी। उन्होंने एएनआई से बात करते हुए कहा कि हमें चुनाव लड़ने के लिए किसी अन्य पार्टी से अनुमति की आवश्यकता नहीं है, यह हमारा अधिकार है। हमें लोगों और देश के संविधान पर भरोसा है, हमारी लड़ाई भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करेगी।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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