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दिल्ली में बढ़ाई गई इजराइली दूतावास की सुरक्षा, विदेश मंत्रालय का भी आया बयान

Iran Israel War: इजराइल और ईरान के बीच युद्ध की आशंका के मद्देनजर भारत सरकार ने दिल्ली स्थित इजराइली दूतावास की सुरक्षा बढ़ा दी है। वहीं, विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि हम पश्चिम एशिया के हालातों पर नजर बनाए हुए हैं।

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दिल्ली में बढ़ाई गई इजराइली दूतावास की सुरक्षा।

Photo : ANI

Iran Israel War: इजराइल और ईरान के बीच जंग की आहट ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस बीच भारत भी अलर्ट हो गया है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली स्थित इजराइली दूतावास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दूतावास के बाहर अतिरिक्त बैरीकेट्स और सुरक्षा जवानों को तैनात किया गया है।

वहीं, इस मामले में विदेश मंत्रालय का भी बयान आया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि हम पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति के बिगड़ने पर बहुत चिंतित हैं और सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने तथा नागरिकों की सुरक्षा का आह्वान दोहराते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय आयाम न ले ले और हम आग्रह करते हैं कि सभी मुद्दों का समाधान बातचीत और कूटनीति के माध्यम से किया जाना चाहिए।

इजराइल में भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी

इससे पहले भारत सरकार ने इजराइल में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की थी। ईरान द्वारा मिसाइल हमले के बाद ईजराइल में भारतीय दूतावा ने कहा था कि क्षेत्र में मौजूदा स्थिति को देखते हुए, इजराइल में सभी भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और स्थानीय अधिकारियों द्वारा बताए गए सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी जाती है, किसी भी आपात स्थिति में, कृपया दूतावास की 24x7 हेल्पलाइन पर संपर्क करें।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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