कर्नाटक सरकार (Karnataka) ने स्कूली बच्चों के भारी बैग (School Bag Weight) के दर्द को समझा है और राज्य में बच्चों पर से बस्ते का बोझ कम करने के लिए सभी स्कूलों को एक गाइडलाइन जारी कर दी है। क्लास 1 से 10वीं तक के छात्रों के लिए स्कूल बैग का वजन निर्धारित कर दिया गया है, साथ ही सभी शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर इसका पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है।
गाइडलाइन के मुताबिक क्लास 1-2 के बच्चों के बैग का वजन 1.5-2 किलो और क्लास 3-5वीं के बच्चों के बैग का वजन 2-3 किलो होना चाहिए वहीं क्लास 6-8वीं तक के लिए 3-4 किलो और क्लास 9-10 के लिए 4-5 किलो होना चाहिए।
No Bag Day
इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि स्कूलों को सप्ताह में एक बार 'नो बैग डे' (No Bag Day) मनाना चाहिए। गौर हो कि डॉ. वीपी निरंजनराध्या समिति ने बच्चों के स्कूल वजन को लेकर कई सिफारिश की थीं। सरकार द्वारा समिति का गठन स्कूल बैग के वजन के कारण स्कूली छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करने के लिए किया गया था।
भारी स्कूल बैग की समस्या का समाधान
वहीं इस साल की शुरुआत में भारतीय मानक ब्यूरो ने घोषणा की थी कि वह एक मानक विकसित करेगा, जो छात्रों द्वारा हर दिन ले जाने वाले भारी स्कूल बैग की समस्या का समाधान करेगा।
