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एयर इंडिया फुकेत-दिल्ली हादसा: पायलटों के 100% डोप टेस्ट की तैयारी में सरकार, मंत्री नायडू बोले- हर पायलट की हो रैंडम जांच

Pilot Dope Test: फुकेत-दिल्ली एयर इंडिया उड़ान हादसे की जांच AAIB कर रहा है। नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने बताया कि पायलटों के 100% डोप टेस्ट पर DGCA विचार कर रहा है।

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एयर इंडिया फुकेत-दिल्ली हादसा: पायलटों के 100% डोप टेस्ट की तैयारी में सरकार, मंत्री नायडू बोले- हर पायलट की हो रैंडम जांच

Ram Mohan Naidu on Dope Test: एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान (AI 2379) में हुए हादसे और उसके बाद पायलट के डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के मामले पर नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) मामले की गहन जांच कर रहा है। चूंकि विमान का डेटा रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) पूरी तरह सुरक्षित है और प्लेन भी अपनी स्थिति में है, इसलिए बहुत जल्द इस मामले की प्रारंभिक रिपोर्ट आने की उम्मीद है।

नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा, 'AAIB अभी जांच कर रही है और क्योंकि डेटा रिकॉर्डर और बाकी चीजें सुरक्षित हैं, और प्लेन भी अपनी जगह पर है, इसलिए मुझे लगता है कि हमें जल्द ही कोई शुरुआती रिपोर्ट मिल सकती है। लेकिन इससे भी जरूरी बात यह है कि नशीले पदार्थों के इस्तेमाल और बाकी चीजों को लेकर DGCA अभी सभी संबंधित पक्षों (स्टेकहोल्डर्स) से बातचीत कर रहा है कि मौजूदा नियम क्या कहते हैं और भविष्य में इसे लेकर कैसे एक सख्त पॉलिसी बनाई जाए। यह बातचीत अभी चल रही है... डोप टेस्ट करने के कई तरीके हैं। अभी नियम यह है कि कुल पायलट नेटवर्क में से 10% का टेस्ट किया जाए। लेकिन जैसा कि मैंने कहा, DGCA इस पर काम कर रहा है और हमारी तरफ से एक राय यह है कि साल में किसी भी समय रैंडम तरीके से हर पायलट का टेस्ट होना चाहिए। हमें देखना होगा कि सभी संबंधित पक्ष इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं, क्योंकि एक तो सुरक्षा का पहलू है, सुरक्षा बनाए रखना है, और दूसरी बात ऑपरेशनल असर है, जिस पर भी ध्यान देना जरूरी है। इसलिए हम इन दोनों के बीच संतुलन बनाने जा रहे हैं।'

'हर पायलट को साल में कम से कम एक बार डोप टेस्ट देना होगा'

पायलटों के डोप टेस्ट के बारे में पूछे जाने पर नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू कहते हैं, 'डोप टेस्ट करने के कई तरीके हैं। अभी नियम यह है कि कुल पायलट नेटवर्क में से 10% का टेस्ट किया जाए। DGCA इस पर काम कर रहा है और हमारी तरफ से एक राय यह है कि साल में किसी भी समय रैंडम तरीके से हर पायलट का टेस्ट होना चाहिए। हमें देखना होगा कि सभी संबंधित पक्ष इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं, क्योंकि एक तो सुरक्षा का पहलू है, और दूसरी बात ऑपरेशनल असर है, जिस पर भी ध्यान देना जरूरी है। इसलिए हम इन दोनों के बीच संतुलन बनाने जा रहे हैं... लेकिन अगर हम 100% टेस्टिंग लागू करते हैं—जिसमें हर पायलट को साल में कम से कम एक बार डोप टेस्ट से गुज़रना होगा—तो इसका क्या असर होगा—DGCA इसकी रणनीति बना रहा है।'

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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