Sambhal Mosque whitewashing : उच्चतम न्यायालय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने से मंगलवार को इनकार कर दिया जिसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को उत्तर प्रदेश के संभल जिले में मुगलकालीन जामा मस्जिद की रंगाई-पुताई कराने का निर्देश दिया गया था।
12 मार्च को निर्देश दिया था
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को जामा मस्जिद की पुताई का काम एक सप्ताह में पूरा करने का 12 मार्च को निर्देश दिया था।
प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना एवं न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने कहा, ‘हम मौजूदा याचिका पर विचार करने के इच्छुक नहीं हैं। इसे खारिज किया जाता है।’याचिकाकर्ता सतीश कुमार अग्रवाल की ओर से पेश हुए वकील बरुण सिन्हा ने उच्च न्यायालय के आदेश का जिक्र करते हुए कहा कि एएसआई को मस्जिद की दीवार की रंगाई-पुताई कराने का निर्देश दिया जाना गलत है।
संभल में हिंसा भड़क गई थी
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश रोहित रंजन अग्रवाल ने एएसआई को मस्जिद की बाहरी दीवारों की पुताई कराने और वहां लाइट लगाने का निर्देश दिया था। इससे पहले, मुगलकालीन मस्जिद का अदालत के आदेश पर पिछले साल सर्वेक्षण किया गया था और इसके कारण संभल में हिंसा भड़क गई थी।
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