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Electoral Bond : SC ने SBI से पूछा-EC को दिए डाटा में बॉन्ड का नंबर क्यों नहीं? जारी किया नोटिस

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 15, 2024, 11:40 AM IST

Electoral Bond : शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में साफ-साफ कहा कि डोनर और उसे भुनाने वाले का संबंध बताने वाले इलेक्टोरल बॉन्ड नंबर का खुलासा जरूर होना चाहिए।

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सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआई को नोटिस जारी किया।

Photo : PTI

Electoral Bond : इलेक्टोरल बॉन्ड पर अपने पूर्व के फैसले का पूरी तरह से अनुपालन नहीं करने और चुनावी बॉन्ड का नंबर नहीं बताने पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को नोटिस जारी किया। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में साफ-साफ कहा कि डोनर और उसे भुनाने वाले का संबंध बताने वाले इलेक्टोरल बॉन्ड नंबर का खुलासा जरूर होना चाहिए। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि संवैधानिक पीठ के फैसले में स्पष्ट कहा गया था कि चुनावी बॉन्ड का पूरा ब्योरा, खरीदी की तारीख, खरीदार का नाम, कैटेगरी समेत दी जाए। एसबीआई ने चुनावी बॉन्ड के अल्फा न्यूमेरिक नंबर्स का खुलासा नहीं किया है। इसके लिए लिए कोर्ट ने बैंक को 18 मार्च तक जवाब देने के लिए कहा है।

18 मार्च को होगी अगली सुनवाई

प्रधान न्यायधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि बैंक ने बॉन्ड नंबर नहीं बताए हैं। भारतीय स्टेट बैंक को इसका खुलासा करना था। इस बात का जिक्र करते हुए कि एसबीआई की ओर उपलब्ध कराया गया डाटा अधूरा है, पांच सदस्यों वाली जजों की पीठ ने बैंक को नोटिस जारी करते हुए आदेश का अनुपालन पूरी तरह न करने की वजह बताने को कहा। साथ ही कोर्ट ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई वह 18 मार्च को करेगा।

अदालत ने अपने पंजीयक (न्यायिक) को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि निर्वाचन आयोग द्वारा सीलबंद कवर में सौंपे गए आंकड़ों को स्कैन किया जाए और उन्हें डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराया जाए। आंकड़े स्कैन हो जाने और डिजिटल माध्यम से उपलब्ध होने के बाद मूल दस्तावेज निर्वाचन आयोग को लौटा दिए जाएं।

SC के आदेश पर प्रशांत भूषण की प्रतिक्रिया

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कोर्ट के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'शीर्ष अदालत ने इलेक्टोरल बॉन्ड पर एसबीआई द्वारा ईसीआई को दी गई जानकारी का मामला उठाया। कोर्ट ने कहा कि इस ब्योरे में बॉन्ड का अल्फान्यूमेरिक नंबर शामिल नहीं है। ऐसे में उसने पूरी जानकारी नहीं दी है कि किसने बॉन्ड खरीदा और किस पार्टी ने उसे भुनाया। इसे लेकर कोर्ट ने एसबीआई को नोटिस जारी किया और मामले की अगली सुनवाई सोमवार के लिए तय की।' बता दें कि गत 15 फरवरी को कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड की बिक्री पर रोक लगा दी। साथ ही SBI को 12 अप्रैल 2019 से अब तक खरीदे गए इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी चुनाव आयोग को देने का आदेश दिया था।
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