Sardar Patel Punyatithi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देश के पहले गृह मंत्री और भारत के ‘लौह पुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल की 75वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने अपना पूरा जीवन देश की एकता और अखंडता के लिए समर्पित कर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि राष्ट्र सरदार पटेल के उस अतुलनीय योगदान को कभी नहीं भूल सकता, जिसकी बदौलत एक अविभाजित और मजबूत भारत का निर्माण संभव हो सका। उन्होंने कहा कि देश की एकता को सशक्त करने में सरदार पटेल की भूमिका ऐतिहासिक रही है।
अमित शाह ने भी सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा," राष्ट्रीय एकता के प्रतीक, मजबूत भारत के शिल्पकार लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी को उनकी पुण्यतिथि पर नमन करता हूं।सरदार साहब ने खंड-खंड में बँटे आजाद भारत को तमाम प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद एकीकृत कर मजबूत राष्ट्र का सुदृढ़ रूप दिया। देश के पहले गृह मंत्री के रूप में मां भारती की सुरक्षा, आंतरिक स्थिरता एवं शांति की स्थापना को ही उन्होंने अपना जीवन लक्ष्य बनाया। सहकारी आंदोलन को पुनर्जीवित कर महिलाओं, किसानों के स्वावलंबन से आत्मनिर्भर भारत की नींव रखने वाले सरदार साहब राष्ट्रप्रथम के पथ पर ध्रुवतारे के समान हम सभी का मार्गदर्शन करते रहेंगे।"
सरदार पटेल ने एक सशक्त एवं संगठित भारत की नींव रखी: ओम बिरला
इसके अलावा लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला ने सरदार पटेल को याद करते हुए एक्स पर लिखा, भारत की राष्ट्रीय एकता के सूत्रधार, एकीकृत भारत के शिल्पकार, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की पुण्यतिथि पर सादर नमन। स्वतंत्र भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री के रूप में उन्होंने अदम्य इच्छाशक्ति, असाधारण नेतृत्व और अटल संकल्प के बल पर राष्ट्र की अखंडता को सुनिश्चित किया। उनके दूरदर्शी मार्गदर्शन में 550 से अधिक रियासतों का भारत संघ में ऐतिहासिक विलय संभव हुआ, जिसने एक सशक्त एवं संगठित भारत की नींव रखी।
उन्होंने आगे लिखा कि सरदार पटेल जी का जीवन राष्ट्रसेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का अमर आदर्श है, जो देश को एकता व दृढ़ता के मार्ग पर सदैव प्रेरित करता रहेगा।
देश को एकजुट करने में निभाया महत्वपूर्ण योगदान
गुजरात के नडियाद में वर्ष 1875 में जन्मे सरदार वल्लभभाई पटेल स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेताओं में से एक थे। आजादी के बाद देश के पहले गृह मंत्री के रूप में उन्होंने 560 से अधिक रियासतों का भारत में विलय कर राष्ट्रीय एकता की मजबूत नींव रखी। सरदार पटेल का निधन वर्ष 1950 में हुआ था। सरदार पटेल की विरासत आज भी देश की एकता, दृढ़ नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण के प्रतीक के रूप में प्रेरणा देती है।
