महाराष्ट्र की राजनीति में मंदिरों के दान और चंदे में हेराफेरी को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे के उस दावे का पूर्ण समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने मुंबई के ऐतिहासिक सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल करोड़ों रुपये के दान की चोरी होने का आरोप लगाया था।
संजय राउत ने रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए सीधे तौर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज ठाकरे द्वारा लगाए गए आरोपों में बहुत ही गंभीर सच्चाई है। जब से सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट का नियंत्रण एकनाथ शिंदे के करीबी नेताओं के हाथों में गया है, तब से मंदिर के दान पात्र से पैसे गायब होने और चोरी की घटनाओं में भारी बढ़ोतरी देखी गई है।
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सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल करीब 18 करोड़ रुपये की हेराफेरी-राज ठाकरे
उल्लेखनीय है कि सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के वर्तमान अध्यक्ष सदा सरवणकर हैं, जो 2022 में शिंदे के नेतृत्व में हुए विद्रोह के दौरान उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर शिंदे गुट में शामिल हो गए थे। इससे पहले शनिवार को राज ठाकरे ने दावा किया था कि सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल करीब 18 करोड़ रुपये की हेराफेरी होती है। इसके साथ ही उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर में भी 1,400 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगाया था।
देश भर के मंदिरों में दान की चोरी की हो रही घटनाएं
इन आरोपों को आगे बढ़ाते हुए संजय राउत ने कहा कि देश भर के मंदिरों में दान की चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं और अधिकांश बड़े मंदिरों का नियंत्रण भाजपा के पास है। उन्होंने कहा कि अयोध्या राम मंदिर चंदा मामले में बड़े खिलाड़ी बच निकले हैं और सिर्फ छोटे प्यादों को ही पकड़ा गया है।
इसके अलावा, संजय राउत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी तंज कसा। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि फडणवीस देश के एक बेहतरीन शिक्षा मंत्री साबित हो सकते हैं और यहाँ तक कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस बात को भली-भांति समझते हैं।
