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Sambhal Violence: चौथी बार न्यायिक जांच आयोग की टीम पहुंची संभल, डीएम-एसडीएम समेत 45 के बयान दर्ज

Sambhal Violence: संभल में भड़की हिंसा की जांच के लिए चौथी बार सरकार की ओर से गठित न्यायिक जांच आयोग की टीम पहुंची। इसके बाद कुल 45 लोगों के बयान दर्ज किए गए।

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डीएम-एसडीएम समेत 45 के बयान दर्ज

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Sambhal Violence: संभल में 24 नवंबर को भड़की हिंसा की जांच के लिए चौथी बार सरकार की ओर से गठित न्यायिक जांच आयोग की टीम पहुंची। इसके बाद कुल 45 लोगों के बयान दर्ज किए गए। जिले में एक मुगलकालीन मस्जिद का न्यायालय द्वारा निर्देशित सर्वेक्षण होने के दौरान भड़की हिंसा में कई लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में हिंदू पक्ष के वकील गोपाल शर्मा यहां पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में न्यायिक आयोग के समक्ष पेश हुए। उन्होंने बाद में संवाददाताओं को बताया कि आयोग ने उनसे घटना के संबंध में प्रत्यक्षदर्शी के तौर पर लिखित हलफनामा मांगा था।

जामा मस्जिद स्थल पर पहले था हरिहर मंदिर- हिंदू पक्ष

हिंदू पक्ष के वकील गोपाल शर्मा ने कहा कि मैंने आयोग के समक्ष इस हलफनामे को प्रस्तुत किया है। आयोग ने मुझसे कई प्रश्न पूछे, मैंने उनका उत्तर दिया। उन्होंने पूछा कि कौन-कौन मौजूद थे, दंगा सुनियोजित था या नहीं, क्या कोई पूर्व योजना थी, लोग जबरन क्यों घुसे, फोटोग्राफी कैसे की गई, मैंने इन सभी के उचित उत्तर दिए। पिछले साल 19 नवंबर से ही संभल में तनाव का माहौल है जब शाही जामा मस्जिद का न्यायालय द्वारा आदेशित सर्वेक्षण इस दावे के बाद किया गया कि इस स्थल पर पहले हरिहर मंदिर था।

सर्वेक्षण के दूसरे दौर के दौरान 24 नवंबर को, प्रदर्शन कर रहे स्थानीय लोगों की सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प हो गई, जिसके परिणामस्वरूप चार लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। न्यायिक आयोग के सदस्य पूर्व पुलिस महानिदेशक (पूर्व डीजीपी) अरविंद कुमार जैन ने पत्रकारों को बताया कि शनिवार को करीब 16 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं , जबकि शुक्रवार को 29 लोगों के बयान दर्ज किए गए थे। न्यायिक जांच आयोग में उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश देवेंद्र अरोड़ा, पूर्व पुलिस प्रमुख अरविंद कुमार जैन और उत्तर प्रदेश के पूर्व अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद शामिल हैं। आयोग के सदस्यों ने एक दिसंबर, 2024 के अलावा 21 और 30 जनवरी, 2025 को संभल का दौरा किया था। उन्होंने अपनी पिछली यात्रा के दौरान भी अधिकारियों के बयान दर्ज किए थे।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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