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जनसंख्या नियंत्रण कानून, बेरोजगारी, जातिवाद और हिंदू राष्ट्र- दशहरा उत्सव में मोहन भागवत ने बता दी वो 'रणनीति', जिसपर आगे बढ़ेगा संघ

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  • Updated Oct 5, 2022, 07:05 PM IST

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने पर्वतारोही संतोष यादव को अपने वार्षिक दशहरा समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। संघ के इतिहास में यह पहली बार है कि कोई महिला इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनीं हैं। वार्षिक विजयादशमी संबोधन संघ के मुख्य कार्यक्रमों में से एक है और इसे एक ऐसा अवसर माना जाता है जहां आरएसएस प्रमुख महत्वपूर्ण मुद्दों पर संघ के रुख को सामने रखते हैं।

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संघ संस्थापक डॉ हेडगेवार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मोहन भागवत और संतोष यादव

Photo : टाइम्स नाउ ब्यूरो
KEY HIGHLIGHTS
  • दशहरे के दिन ही आरएसएस की हुई थी स्थापना
  • स्थापना दिवस की जगह दशहरा उत्सव मनाता है संघ
  • इस उत्सव के दौरान आरएसएस करती है शस्त्र पूजा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नागपुर स्थित मुख्यालय में बुधवार को विजयादशमी उत्सव मनाया गया। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि अब दुनिया भारत की बात सुन रही है। इस संबोधन से पहले मोहन भागवत ने शस्त्रों का पूजन किया। ये इस दिन की परंपरा रही है। इसी दिन संघ की स्थापना हुई थी। कहा जाता है कि इस दिन संघ उन मुद्दों की बात करता है, जिसपर वो आगे का अपना भविष्य तय करता है।

क्या कहा संघ प्रमुख ने

मोहन भागवत ने कहा कि हमें अपनी महिलाओं को सशक्त बनाना होगा। महिलाओं के बिना समाज आगे नहीं बढ़ सकता। विश्व में हमारी प्रतिष्ठा और साख बढ़ी है। जिस तरह से हमने श्रीलंका की मदद की और यूक्रेन-रूस संघर्ष के दौरान हमारे रुख से पता चलता है कि हमें सुना जा रहा है।

आरएसएस प्रमुख ने कहा- "हमारी अर्थव्यवस्था सामान्य स्थिति में लौट रही है-विश्व अर्थशास्त्री भविष्यवाणी कर रहे हैं कि यह आगे बढ़ेगा। खेलों में भी हमारे खिलाड़ी देश को गौरवान्वित कर रहे हैं। परिवर्तन दुनिया का नियम है, लेकिन सनातन धर्म पर दृढ़ रहना चाहिए।"

आगे मोहन भागवत ने कहा कि जो हमारे सनातन धर्म में बाधा डालती है, वह उन शक्तियों द्वारा निर्मित होती है जो भारत की एकता और प्रगति के विरोधी हैं। वे नकली कथाएं फैलाते हैं, अराजकता को प्रोत्साहित करते हैं, आपराधिक कृत्यों में संलग्न होते हैं, आतंक, संघर्ष और सामाजिक अशांति को बढ़ावा देते हैं। आगे उन्होंने कहा कि यह एक मिथक है कि करियर के लिए अंग्रेजी महत्वपूर्ण है।

संघ प्रमुख ने आगे कहा कि जनसंख्या पर नियंत्रण पाना जरूरी है। इसके लिए सरकार कानून लाए। जनसंख्या नियंत्रण के साथ-साथ जातीय आधार पर जनसंख्या संतुलन भी महत्वपूर्ण है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। जब भी किसी देश में जनसांख्यिकीय असंतुलन होता है, उस देश की भौगोलिक सीमाएं भी बदल जाती हैं। नौकरियों के लिए सिर्फ सरकार के भरोसे नहीं रहा जा सकता है। आगे उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान एक हिंदू राष्ट्र है, लेकिन हमारा किसी से विरोध नहीं है। हमें लोगों को जोड़ना है।

आगे जातियों को लेकर जारी लड़ाई पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- "मंदिर, जल और श्मशान भूमि सबके लिए समान होनी चाहिए। हमें छोटी-छोटी बातों पर नहीं लड़ना चाहिए। इस तरह की बातें जैसे कोई घोड़े की सवारी कर सकता है और दूसरा नहीं कर सकता, समाज में कोई जगह नहीं होनी चाहिए और हमें इस दिशा में काम करना होगा।"

पहली महिला मुख्य अतिथि

आरएसएस ने अपने वार्षिक दशहरा कार्यक्रम के लिए प्रसिद्ध पर्वतारोही संतोष यादव को इस बार मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया। इन्होंने इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा- "अक्सर मेरे व्यवहार और आचरण से लोग मुझसे पूछते थे कि 'क्या मैं संघी हूं?' तब मैं पूछती कि वह क्या होता है? मैं उस वक्त संघ के बारे में नहीं जानती थी। आज वह प्रारब्ध है कि मैं संघ के इस सर्वोच्च मंच पर आप सब से स्नेह पा रही हूं।"

97 वर्षों में यह पहली बार है जब आरएसएस ने किसी महिला को अपने कार्यक्रम में आमंत्रित किया है। संतोष यादव दो बार माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली महिला हैं। पहली बार उन्होंने मई 1992 में ये चढ़ाई की और फिर मई 1993 में इस इतिहास को उन्होंने दोहराया था। वह कांगशुंग फेस से माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक चढ़ाई करने वाली भी पहली महिला भी हैं। संतोष यादव को 1994 में राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार और 2000 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी शामिल हुए। आरएसएस इस दिन एक बड़े कार्यक्रम को आयोजित करता हैं। जिसमे आरएसएस प्रमुख शस्त्रों की पूजा करते हैं। इसके बाद उनका भाषण होता है, जिसमें संघ की आगे की रणनीति की एक झलक दिखती है।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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