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National Herald केस में सोनिया, राहुल गांधी को बड़ी राहत! कोर्ट ने ED द्वारा दाखिल चार्जशीट का संज्ञान लेने से किया इन्कार

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और दूसरों के खिलाफ एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) की फाइल की गई चार्जशीट पर संज्ञान लेने से मना कर दिया है।

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सोनिया ,राहुल समेत सात को बड़ी राहत

नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में राउज़ ऐवन्यू कोर्ट ने ED द्वारा दाखिल चार्जशीट का संज्ञान लेने से इन्कार किया है। बता दें कि कोर्ट के इस कदम से सोनिया ,राहुल समेत सात को बड़ी राहत मिली है। इस मामले में कोर्ट ने कहा कि ईडी चाहे तो जांच जारी रख सकती है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी चार्जशीट में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी, यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड को नामजद किया था।

हालांकि ईडी की जांच पर कांग्रेस की दलील थी कि यह राजनीतिक बदले की कार्रवाई है, जबकि ईडी का दावा है कि यह एक गंभीर आर्थिक अपराध है जिसमें फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत मिले हैं। ईडी ने एसोसिएटेड जर्नल्स (AJL) की 2 हजार करोड से अधिक संपत्तियों को गलत तरीके से हडपने का आरोप लगाया था।

क्या है नेशनल हेराल्ड का मामला?

नेशनल हेराल्ड केस भारत के एक प्रमुख राजनीतिक और कानूनी विवाद की जड़ बन गया है। यह 2012 में बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत से शुरू हुआ। यह एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) नामक कंपनी से जुड़ा है, जो नेशनल हेराल्ड अखबार (जवाहरलाल नेहरू द्वारा 1938 में स्थापित) को चलाती थी। AJL पर कर्ज का बोझ था, फिर कांग्रेस पार्टी ने इसे 90.25 करोड़ रुपये का ब्याज-मुक्त कर्ज दिया।

बाद में यह कर्ज यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (YIL) नामक कंपनी को मात्र 50 लाख रुपये में हस्तांतरित कर दिया गया, जिसके माध्यम से AJL की दिल्ली, मुंबई में मौजूद अरबों रुपए की संपत्ति YIL के नियंत्रण में चली गईं। ED का आरोप है कि यह एक साजिश थी, जिसमें सरकारी संपत्ति को निजी लाभ के लिए हड़पा गया, धोखाधड़ी, विश्वासघात और मनी लॉन्ड्रिंग हुई।

Gaurav Srivastav
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

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