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कौन सा धर्म परिवर्तन सही कौन सा गलत? अब होगा आजीवन कारावास, शर्तें पढ़ लीजिए

Religious Conversion: धर्मांतरण के खिलाफ गोवा (Goa) में कैबिनेट ने कानून को मंजूरी दे दी है। दोषियों को कम से कम 10 साल की जेल की सजा हो सकती है।

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गोवा मंत्रिमंडल ने धर्मांतरण रोधी विधेयक को दी मंजूरी (प्रतीकात्मक फोटो- Canva)

Religious Conversion: भारत में हाल के सालों में जबरदस्ती धर्म परिवर्तन के कई मामले सामने आ चुके हैं। कई राज्यों में ऐसे मामले पुलिस के सामने दर्ज किए गए और जांच चल रही है। जिसके बाद अब राज्य सरकारें धर्म परिवर्तन को लेकर न केवल सर्तक हो रही हैं, बल्कि कानून भी बना रही है। गोवा (Goa) में भी अब ऐसे ही एक कानून को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। जिसमें गलत धर्मांतरण पाए जाने पर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।

कौन सा धर्म परिवर्तन सही कौन सा गलत?

धर्म परिवर्तन वही सही जो भारतीय संविधान के अनुसार हो। यानि जो इंसान अपनी स्वेच्छा से दूसरे धर्म को अपनाता है, वो सही है। इसके अलावा जबरदस्ती, धन का लोभ, शादी के बाद जबरदस्ती धर्म परिवर्तन ये सब गलत होगा और इसमें सजा का प्रावधान है। गोवा में धर्मांतरण के खिलाफ विधेयक में बल, दबाव, अनुचित प्रभाव, प्रलोभन, धोखाधड़ी या विवाह के जरिए कथित रूप से कराए जाने वाले धर्मांतरण के लिए कड़ी सजा का प्रस्ताव है।

कब बनेगा धर्मांतरण के खिलाफ कानून?

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने बुधवार को ’गोवा गैर-कानूनी धर्मांतरण निषेध विधेयक, 2026’ को मंजूरी दी। गोवा के अधिकारियों ने बताया कि यह विधेयक राज्य विधानसभा के 31 अगस्त से शुरू होने वाले मानसून सत्र में पेश किया जाएगा।

सजा के प्रावधानों में क्या?

विधेयक के तहत दोषियों को आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा, कम से कम 50,000 रुपये का जुर्माना और पीड़ितों को अधिकतम पांच लाख रुपये तक मुआवजा देने का भी प्रावधान है। विधेयक में यह भी प्रावधान है कि यदि यह पाया जाता है कि विवाह केवल धर्मांतरण के उद्देश्य से किया गया था, तो ऐसे विवाह को ’’अमान्य’’ घोषित किया जा सकता है। अधिकारी के अनुसार, दोषियों को कम से कम 10 साल की जेल की सजा हो सकती है।

कौन-कौन से राज्य में धर्मांतरण के खिलाफ कानून?

महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों में पहले से ही धर्मांतरण विरोधी कानून लागू हैं।हालही में महाराष्ट्र धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 2026 को अधिसूचित कर दिया गया है, जो जबरन या धोखे से धर्म परिवर्तन पर रोक लगाता है। इसके तहत 7 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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