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सत्येंद्र जैन के खिलाफ कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट मंजूर, नहीं मिले कोई सबूत; CBI कर रही थी जांच

सत्येंद्र जैन और अन्य के खिलाफ PWD में अनियमित नियुक्ति और फंड भुगतान के आरोपों की जांच में सबूतों की कमी के कारण दिल्ली की अदालत ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट को मंजूरी दे दी।

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आप नेता सत्येंद्र जैन (फाइल फोटो- AAPSatyendarJain)

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आप नेता और पूर्व लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री सत्येंद्र जैन तथा अन्य अधिकारियों के खिलाफ लोक निर्माण विभाग में पेशेवरों की कथित अनियमित नियुक्ति और असंबंधित परियोजना निधि से भुगतान के आरोपों से जुड़े मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दायर क्लोजर रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है।

कोर्ट ने कहा- सबूत नहीं मिले

विशेष न्यायाधीश दिग विनय सिंह ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा कि मामले की कई वर्षों से चली जांच के बावजूद, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (POCSO Act) या किसी अन्य कानून के तहत आरोपों का समर्थन करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपों के आधार पर किसी भी आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू करना न्यायसंगत नहीं होगा। कोर्ट ने कहा आपराधिक षडयंत्र का संकेत देने के लिए भी कोई भी सामग्री उपलब्ध नहीं है।

क्या है पूरा मामला

दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय की एक शिकायत के आधार पर, तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री जैन और अन्य लोक निर्माण विभाग अधिकारियों के खिलाफ 2018 में एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप लगाया गया था कि जैन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने भर्ती और वित्तीय नियमों का उल्लंघन करते हुए सलाहकारों की एक "क्रिएटिव टीम" की अनियमित रूप से नियुक्ति की। यह भी आरोप लगाया गया था कि इस नियुक्ति में मानक भर्ती प्रक्रियाओं को दरकिनार किया गया और वित्त विभाग की मंजूरी के बिना "बारापुला चरण-III" जैसी असंबंधित परियोजनाओं पर खर्च किया गया। लगभग चार वर्षों तक मामले की जांच करने के बाद, सीबीआई को कोई आपराधिकता या व्यक्तिगत लाभ, रिश्वतखोरी, या किसी आपराधिक इरादे या वित्तीय नियमों के उल्लंघन का कोई सबूत नहीं मिला। जिसके बाद सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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