महाराष्ट्र के परभणी जिले के मानवत तालुका स्थित यशवाड़ी देवस्थान में बड़ा हादसा हो गया। यहां दोपहर में मंदिर के गर्भगृह के सामने बन रहे सभा मंडप की छत अचानक भरभराकर गिर गई। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि इस हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई है। वहीं करीब 18 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें परभणी जिला अस्पताल में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे में मलबे में दबे सभी लोगों को निकाल लिया गया है। साथ ही हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सीएम देवेंद्र फडणवीस ने परभणी हादसे में हुई मौतों पर दुख जताया।
प्रधानमंत्री ने ’एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ’’महाराष्ट्र के परभणी में दीवार ढहने की घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुखद है। इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भक्तों की मौत पर दुख जताया और कहा कि घायलों का इलाज किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने घोषणा की कि मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
युद्ध स्तर पर बचाव अभियान जारी
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंदिर के सभा-मंडप (बाहरी हॉल) की शिला दोपहर करीब 3.30 बजे गिर गई। हादसे के वक्त वहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। उन्होंने बताया कि मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी हैं। पुलिस और जिला प्रशासन ने अपनी टीमें भेज दी हैं। युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी है। मलबे में फंसे श्रद्धालुओं को बाहर निकाला जा रहा है।
पांच लोगों के मारे जाने की पुष्टि
हादसे के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अब तक लगभग 25 लोगों को बचाया जा चुका है। वहीं, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि शनिवार होने के कारण, जो भगवान हनुमान से जुड़ा दिन है, मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई।अधिकारियों ने बताया कि बचाव अभियान समाप्त हो गया है, सभी फंसे हुए लोगों को बचा लिया गया है
