Gurugram Land Case: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पति और बिजनेसमैन रॉबर्ट वाड्रा से प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को एक बार फिर पूछताछ की और उन्हें गुरुवार को पूछताछ के लिए फिर से बुलाया गया है। 56 वर्षीय रॉबर्ट वाड्रा से ईडी अधिकारियों ने मंगलवार को करीब छह घंटे तक पूछताछ की और बुधवार को भी उनसे लगभग 6 घंटों तक सवालात किए गए। दरअसल, ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा को हरियाणा के शिकोहपुर में एक जमीन सौदे से जुड़े धनशोधन मामले में तलब किया गया था।
ED के सामने फिर पेश होंगे वाड्रा
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, रॉबर्ट वाड्रा ने पूछताछ के बाद बताया कि उन्हें कल फिर से पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उन्होंने कहा, ''हां, उन्होंने मुझे कल भी बुलाया है। वे मुझे बुलाते रहेंगे..."
पूछताछ से पहले रॉबर्ट वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'फेसबुक' पर लिखे एक पोस्ट में कहा कि मेरे जन्मदिन के सप्ताह की सेवा कुछ दिनों के लिए रोक दी गई है। मैंने बुजुर्गों को भोजन कराने और विभिन्न क्षेत्रों के सभी बच्चों को उपहार देने की जो योजनाएं बनाई हैं, उन्हें मैं तब तक जारी रखूंगा जब तक कि सरकार मुझे अच्छे काम करने और अल्पसंख्यकों के प्रति उनके अन्यायपूर्ण व्यवहार के बारे में बोलने से नहीं रोकती, या फिर अगर मेरे राजनीति में आने की इच्छाएं और बातें भी होती हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "लोगों की इच्छाओं और जरूरतों को पूरा करने से मुझे कोई नहीं रोक सकता। मैं यहां किसी भी तरह के अन्यायपूर्ण दबाव के लिए तैयार हूं। मैं सत्य में विश्वास करता हूं और सत्य की जीत होगी।"
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि यह पूरा मामला साल 2018 का है। तौरू के रहने वाले सुरेंद्र शर्मा की शिकायत पर 1 सितंबर, 2018 को गुरुग्राम के खेरकी दौला थाने में यह केस दर्ज किया गया था। रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी पर आरोप है कि उसने अन्य लोगों के साथ मिलकर धोखाधड़ी की थी। इस मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा को भी आरोपी बनाया गया है। आईपीसी की धारा 420, 120, 467, 468 और 471 के तहत इस मामले में केस दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होने के बाद आईपीसी की धारा 423 के तहत नए आरोप जोड़े गए थे।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि वाड्रा की कंपनी ने फरवरी 2008 में गुड़गांव के शिकोहपुर में 3.5 एकड़ जमीन 7.5 करोड़ रुपये में ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से खरीदी थी। कमर्शियल लाइसेंस पाने के बाद कंपनी ने उसी प्रॉपर्टी को डीएलएफ को 58 करोड़ रुपये में बेच दिया था। इसी मामले में ईडी वाड्रा की कंपनी पर वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है।
