Sanjay Raut: शिवसेना (Shiv Sena) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सोमवार को कहा कि नया चुनाव चिन्ह पार्टी के लिए नई क्रांति ला सकता है। चुनाव आयोग की ओर से उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुटों द्वारा अंधेरी पूर्व विधानसभा उपचुनाव में पार्टी के नाम और उसके चुनाव चिन्ह का उपयोग करने पर रोक लगाने के बाद संजय राउत ने ये बात कही है।
क्रांति ला सकता है नया चुनाव चिन्ह- संजय राउत
पार्टी के चुनाव चिन्ह को फ्रीज किए जाने पर संजय राउत ने कहा कि चुनाव चिन्ह को फ्रीज करना एक राजनीतिक दल के जीवन में होता है। कांग्रेस के साथ ये इंदिरा गांधी के समय समेत तीन बार हुआ, ऐसा जनता पार्टी के साथ भी हुआ। राउत ने कहा कि हो सकता है कि नया चुनाव चिन्ह पार्टी के लिए एक नई क्रांति लेकर आए। साथ ही कहा कि चुनाव चिन्ह और नाम अलग हो सकते हैं, लेकिन पार्टी अभी भी वही है।
इस पूरे मामले पर एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि पार्टी का चुनाव चिन्ह कोई लाभ नहीं देता है, क्योंकि आखिरकार लोगों को तय करना होता है, किसे वोट देना है। इस बीच उद्धव ठाकरे और शिवसेना के एकनाथ शिंदे के वकीलों ने सोमवार को चुनाव आयोग को अपनी पसंद की पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह सौंपे।
17 अक्टूबर तक बढ़ाई गई संजय राउत की न्यायिक हिरासत
वहीं दो महीने से अधिक समय से जेल में बंद शिवसेना सांसद संजय राउत की न्यायिक हिरासत सोमवार को कोर्ट ने 17 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है। इससे पहले 4 अक्टूबर को मुंबई की एक विशेष अदालत ने शिवसेना नेता संजय राउत की न्यायिक हिरासत 10 अक्टूबर तक बढ़ाई थी। संजय राउत को प्रवर्तन निदेशालय ने 1 अगस्त को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था।
