देश

रांची RSS दफ्तर पर हमले का मामला, CCTV फुटेज आई सामने, क्या था ISI का ऑपरेशन यूपी-पंजाब?

सुरक्षा एजेंसियों को शक है की लखनऊ के रास्ते क्या अयोध्या जाने का प्लान तो नहीं था। लखनऊ में उस स्लीपर सेल की तलाश के लिए रेड्स जारी हैं। जांच में आरोपियों ने खुलासा किया है की आरएसएस दफ्तर पर हमले को अंजाम देने के लिए कुल डेढ़ लाख रुपए में डील फिक्स हुई थी जो तीनों आरोपियों को मिलना था।

Ranchi RSS Office: रांची के RSS दफ्तर पर हुए हमले में गिरफ्तार आरोपियों ने सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में सनसनीखेज खुलासा किए हैं। सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी अमन अंसारी ने बताया है की दुबई से भारत आने के बाद वो पंजाब गया था जहा उसे किसी बॉस से मिलना था। पंजाब में कुछ दिन रुककर अमन अंसारी वापस रांची आ गया था जिसके बाद पाकिस्तान ISI ने अमन अंसारी और सैफ को लखनऊ जाने के लिए कहा। अमन अंसारी और सैफ ट्रेन के जरिए कानपुर के रास्ते लखनऊ के लिए निकले भी थे लेकिन कोडरमा से ही रांची पुलिस ने दोनों को दबोच लिया था। लखनऊ में पाकिस्तान ISI के एक स्लीपर सेल से अमन को मिलना था जो एक बड़ा टॉस्क देने वाला था। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां ये पता लगाने में जुटी है की आखिर लखनऊ में पाकिस्तान ISI की मीटिंग के क्या मायने थे?

लखनऊ में स्लीपर सेल की तलाश

सुरक्षा एजेंसियों को शक है की लखनऊ के रास्ते क्या अयोध्या जाने का प्लान तो नहीं था। लखनऊ में उस स्लीपर सेल की तलाश के लिए रेड्स जारी हैं। जांच में आरोपियों ने खुलासा किया है की आरएसएस दफ्तर पर हमले को अंजाम देने के लिए कुल डेढ़ लाख रुपए में डील फिक्स हुई थी जो तीनों आरोपियों को मिलना था। शुरुआत में 10 हजार मनी QR स्कैनर के जरिए आरोपियों के पास पहुंची थी। ऐसे मे यह भी पता लगाया जा रहा है पेमेंट करने वाला आखिर कौन था। आरोपियों में अमन अंसारी और पाकिस्तान हैंडलर राणा साहब के बीच के दो ऑडियो भी सुरक्षा एजेंसियों के हाथ लगे हैं जिसमे आगे एक बड़ा टास्क देने का जिक्र किया जा रहा।

पाकिस्तान ISI के दोनो स्लीपर सेल की दो और Exclusive CCTV फुटेज आई सामने

पहली CCTV फ़ुटेज

पहली CCTV फ़ुटेज में RSS दफ्तर पर हमले के ठीक पहले अमन अंसारी और सैफ किराए की टैक्सी से दफ्तर के ठीक नजदीक आते हुए नजर आते दिख रहे हैं। इसके बाद दोनों टैक्सी से बाहर निकलते हैं, जिसमे सैफ के हाथ मे पेट्रोल बम दिखाई दे रहा है। उस वक्त टैक्सी के अंदर तीसरा आरोपी बैठा हुआ भी नजर आ रहा है और टैक्सी ड्राइवर भी।

दूसरी CCTV फुटेज

झारखंड के रांची रेलेव स्टेशन की है जहां RSS दफ्तर पर हमले के ठीक पहले दोनों आरोपी अमन अंसारी और सैफ नजर आ रहे हैं।

तीसरी फुटेज

RSS दफ्तर पर पेट्रोल बम से हमले को अंजाम देने के बाद अमन अंसारी और सैफ अंसारी ट्रेन में बैठे नजर आ रहे हैं। लखनऊ में पाकिस्तान ISI के एक एजेंट से मिंलने जाने के लिए।

17 जून की घटना

17 जून को रांची के चुटिया स्थित आरएसएस कार्यालय पर दो युवकों ने पेट्रोल बम फेंका। हालांकि, इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में दोनों संदिग्ध युवकों की गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई दीं।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

और पढ़ें
End of Article