Sonam Wangchuk: केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने शनिवार को कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले को लेकर इस्तीफा देने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इस घोटाले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
सोनम वांगचुक को लेकर क्या बोले?
उन्होंने यह भी कहा कि सोनम वांगचुक को अपना अनशन समाप्त कर देना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएगी कि भविष्य में पेपर लीक की घटनाएं दोबारा न हों। आठवले ने यहां एक कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से कहा, ‘‘धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने की कोई आवश्यकता नहीं है। नीट पेपर लीक हमारे लिए अच्छी बात नहीं है, लेकिन ऐसा नहीं है कि इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।’’ उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में आरोपी पकड़े गए हैं।वांगचुक को लेकर क्या बोले मदन राठौड़?
वहीं, बीजेपी की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष मदन राठौड़ ने शनिवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के मामले के जरिए अपनी राजनीति चमकाने का प्रयास कर रही है। राठौड़ ने यहां कहा कि किसी व्यक्ति का स्वास्थ्य बिगड़ने का इंतजार करना और फिर उस पर राजनीति करना कांग्रेस का गलत रवैया है।
'वांगचुक को अस्पताल पहुंचाने का निर्णय सही'
राठौड़ ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता किसी भी नागरिक का जीवन बचाना होती है और किसी का स्वास्थ्य बिगड़ने पर उसे अस्पताल पहुंचाना पूरी तरह उचित निर्णय है। उन्होंने कहा, ‘‘किसी की जान पर राजनीति करना विकृत मानसिकता का परिचायक है।’’
राठौड़ ने कहा कि कुछ लोग चाहते थे कि वांगचुक का स्वास्थ्य और बिगड़ जाए, ताकि बाद में सरकार को घेरकर राजनीतिक लाभ उठाया जा सके। उन्होंने कहा कि वांगचुक को आमरण अनशन जैसा कदम उठाने से पहले गंभीरता से विचार करना चाहिए था।
उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी मांग पर चर्चा और बहस लोकतंत्र का हिस्सा है लेकिन किसी व्यक्ति का जीवन सबसे महत्वपूर्ण है। ऐसे में सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हर हाल में उसके जीवन की रक्षा करना है और इसी उद्देश्य से वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया गया।’’ दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को चिकित्सकीय सलाह एवं उच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला देकर उनके अनशन के 21वें दिन शनिवार सुबह सफदरजंग अस्पताल ले गयी। राठौड़ ने यह भी कहा कि भाजपा राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने के लिए प्रयासरत है।
