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Sonam Wangchuk Hunger Strike: अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी नहीं टूटा सोनम वांगचुक का अनशन, पत्नी गीतांजलि ने प्रदर्शनकारियों से की ये खास अपील

Sonam Wangchuk Hunger Strike: लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी जारी है। 21 दिनों से अनशन पर बैठे वांगचुक को तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस सफदरजंग अस्पताल ले गई थी, लेकिन उन्होंने अपना उपवास नहीं तोड़ा। उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने उनका संदेश साझा करते हुए समर्थकों से 20 जुलाई को होने वाले 'चलो संसद' मार्च में शामिल होने की अपील की।

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सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल अस्पताल में भी जारी। PTI

Photo : PTI

Sonam Wangchuk Hunger Strike: सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी जारी है। 21 दिनों से अनशन पर बैठे वांगचुक को शनिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस सफदरजंग अस्पताल ले गई थी, लेकिन उन्होंने अपना उपवास नहीं तोड़ा है। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने उनके संदेश को साझा करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक चाहते हैं कि आंदोलन पूरी ताकत के साथ जारी रहे। उन्होंने समर्थकों से 20 जुलाई को प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।

वांगचुक वापस आकर जंतर-मंतर आकर लड़ाई जारी रखना चाहते हैं: सीजेपी

कॉकरोच जनता पार्टी और उसके समर्थकों ने शनिवार (18 जुलाई, 2026) को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। प्रवक्ता सौरभ दास ने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि जबरन अस्पताल में भर्ती कराए गए सोनम वांगचुक अस्पताल से छुट्टी पाने के अपने अधिकार का प्रयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। दास ने कहा, “उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध वहां नहीं रखा जा सकता। वह जंतर-मंतर पर जनता के बीच वापस आना चाहते हैं और इस संघर्ष को जारी रखना चाहते हैं।”

डॉक्टरों ने क्या कहा?

वहीं, दिल्ली एम्स में आपातकालीन चिकित्सा के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. अक्षय कुमार ने कहा कि उन्होंने आज कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का इलाज किया और उनकी जांच की। उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में डॉ. कुमार ने कहा: “उनके सभी महत्वपूर्ण पैरामीटर, रक्तचाप, ऑक्सीजन, नाड़ी दर सामान्य हैं। वे पूरी तरह से होश में हैं और ठीक से बात कर पा रहे हैं। हम उनकी लगातार निगरानी कर रहे हैं। हम उनसे बात करने की कोशिश भी कर रहे हैं ताकि वे IV फ्लूइड्स और IV इलेक्ट्रोलाइट्स ले सकें। हम उनके लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं और उन्हें जल्द से जल्द स्वस्थ करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।”

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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