दुनिया की कठिन परीक्षाओं में से एक एनडीए (NDA) के प्रति एक छात्र का जुनून ऐसा था कि उसने आईआईटी (IIT) को भी छोड़ दिया। यह बात भी अपने घरवालों से छुपा ली कि उसका चयन IIT के लिए हो गया है। एक दौर ऐसा भी आया जब उसकी मानसिक स्थिति को लेकर परिवार वालों को चिंता भी होने लगी थी। हम बात कर रहे हैं राजस्थान के अलवर के रहने वाले गौरव यादव की।
मिला गोल्ड मेडल
गौरव यादव को बुधवार को एनडीए की पासिंग आउट परेड में प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। इस दौरान उन्होंने परेड की कमान भी संभाली। ये एक ऐसा सम्मान था जिसके लिए उन्हें कड़ी तपस्या करनी पड़ी है। वो भी ऐसी तपस्या, जिसकी कल्पना करना भी शायद मुश्किल ही होगा।
जब IIT की बात छुपाई
गौरव यादव का बचपन से सपना था कि वो सेना में जाएं और देश की सेवा करें। पढ़ाई में तेज गौरव ने जब IIT की परीक्षा दी तो वो पास कर गए, लेकिन घरवालों से कहा कि वो फेल हो गए हैं, क्योंकि उन्हें NDA में जाना था, जिसमें वो तब सफल नहीं हो पाए थे। उनके परिवार वालों ने भी विश्वास कर लिया कि उनका IIT के लिए चयन नहीं हुआ है, लेकिन जब गौरव एनडीए पास कर गए तब उन्होंने घरवालों को सच्चाई बताई।
दीवारों को इंटरव्यू
गौरव लगातार एनडीए के लिए प्रयास कर रहे थे। वो दो बार परीक्षा निकालने में सफल भी हुए थे, लेकिन इंटरव्यू में वो फंस गए थे। इसके बाद जब उन्होंने फिर से तैयारी शुरू की तो दीवारों से बातें करने लगे, वो दीवारों को ही इंटरव्यू लेने वाले अधिकारी मान लेते थे और उनसे बातें करते रहते थे। जिसके बाद तीसरे मौके में उन्होंने NDA के एग्जाम को पास कर लिया और आज सेना में अधिकारी बनने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
