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NDA के लिए जुनून ऐसा कि ठुकरा दिया IIT, दीवारों को देता था इंटरव्यू; गोल्ड मेडल के साथ गाड़ दिया झंडा

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Dec 2, 2022, 11:08 AM IST

एनडीए (NDA) के जरिए छात्र सेना, नौसेना और वायु सेना में अधिकारी बनते हैं। इसकी परीक्षा सबसे कठिन परिक्षाओं में से एक होती है। टेस्ट क्लियर करने के बाद इंटरव्यू और मेडिकल होता है। जिसके बाद तीन साल की ट्रेनिंग होती है। यहां से पास होने के बाद लोग सेना में अफसर बनते हैं।

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एनडीए पासिंग आउट परेड के दौरान गौरव यादव

Photo : Twitter

दुनिया की कठिन परीक्षाओं में से एक एनडीए (NDA) के प्रति एक छात्र का जुनून ऐसा था कि उसने आईआईटी (IIT) को भी छोड़ दिया। यह बात भी अपने घरवालों से छुपा ली कि उसका चयन IIT के लिए हो गया है। एक दौर ऐसा भी आया जब उसकी मानसिक स्थिति को लेकर परिवार वालों को चिंता भी होने लगी थी। हम बात कर रहे हैं राजस्थान के अलवर के रहने वाले गौरव यादव की।

मिला गोल्ड मेडल

गौरव यादव को बुधवार को एनडीए की पासिंग आउट परेड में प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। इस दौरान उन्होंने परेड की कमान भी संभाली। ये एक ऐसा सम्मान था जिसके लिए उन्हें कड़ी तपस्या करनी पड़ी है। वो भी ऐसी तपस्या, जिसकी कल्पना करना भी शायद मुश्किल ही होगा।

जब IIT की बात छुपाई

गौरव यादव का बचपन से सपना था कि वो सेना में जाएं और देश की सेवा करें। पढ़ाई में तेज गौरव ने जब IIT की परीक्षा दी तो वो पास कर गए, लेकिन घरवालों से कहा कि वो फेल हो गए हैं, क्योंकि उन्हें NDA में जाना था, जिसमें वो तब सफल नहीं हो पाए थे। उनके परिवार वालों ने भी विश्वास कर लिया कि उनका IIT के लिए चयन नहीं हुआ है, लेकिन जब गौरव एनडीए पास कर गए तब उन्होंने घरवालों को सच्चाई बताई।

दीवारों को इंटरव्यू

गौरव लगातार एनडीए के लिए प्रयास कर रहे थे। वो दो बार परीक्षा निकालने में सफल भी हुए थे, लेकिन इंटरव्यू में वो फंस गए थे। इसके बाद जब उन्होंने फिर से तैयारी शुरू की तो दीवारों से बातें करने लगे, वो दीवारों को ही इंटरव्यू लेने वाले अधिकारी मान लेते थे और उनसे बातें करते रहते थे। जिसके बाद तीसरे मौके में उन्होंने NDA के एग्जाम को पास कर लिया और आज सेना में अधिकारी बनने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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