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अजमेर में पीएम मोदी की रैली के बाद गहलोत का मास्टर स्ट्रोक, 100 यूनिट फ्री बिजली का ऐलान

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 31, 2023, 11:29 PM IST

Rajasthan News: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य में 100 यूनिट फ्री बिजली देने का ऐलान किया है। उन्होंने यह घोषणा पीएम मोदी की अजमेर रैली के कुछ देर बात की है।

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

Photo : BCCL

Rajasthan News: राजस्थान में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अजमेर में एक जनसभा के जरिए भाजपा के चुनावी कैंपेन की शुरुआत कर दी है। इसके तुरंत बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मास्टर स्ट्रोक चला है। उन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में 100 यूनिट प्रतिमाह फ्री बिजली का ऐलान कर दिया है।

राजस्थान सीएम गहलोत ने ट्वीट किया, महंगाई राहत शिविरों के अवलोकन व जनता से बात करने पर फीडबैक आया कि बिजली बिलों में मिलने वाली स्लैबवार छूट में थोड़ा बदलाव किया जाए। उन्होंने आगे कहा, ई महीने में बिजली बिलों में आए फ्यूल सरचार्ज को लेकर भी जनता से फीडबैक मिला जिसके आधार पर बड़ा फैसला किया है। 100 यूनिट प्रतिमाह तक बिजली उपभोग वालों का बिजली बिल शून्य होगा। उन्हें पूर्ववत कोई बिल नहीं देना होगा।

100 यूनिट से ज्यादा बिल आने पर भी माफ होगा बिल

अशोक गहलोत ने कहा, 100 यूनिट प्रतिमाह से ज्यादा उपभोग करने वाले वर्ग के परिवारों को भी पहले 100 यूनिट बिजली फ्री दी जाएगी। यानी कितना भी बिल क्यों ना आए, पहले 100 यूनिट का कोई भी विद्युत शुल्क नहीं देना होगा। खासकर मध्यम वर्ग के लोगों को ध्यान में रखते हुए 200 यूनिट प्रतिमाह तक बिजली उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं को पहले 100 यूनिट बिजली फ्री के साथ 200 यूनिट तक के स्थायी शुल्क, फ्यूल सरचार्ज एवं तमाम अन्य शुल्क माफ होंगे एवं इनका भुगतान राज्य सरकार करेगी।

चुनाव में बन सकता है बड़ा मुद्दा

बता दें, राजस्थान में इसी साल नवंबर के आसपास होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सीएम गहलोत के इस ऐलान को अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि यह घोषणा बड़ा मुद्दा बन सकती है। बता दें, राजस्थान में सीधे तौर पर भाजपा और कांग्रेस के बीच लड़ाई है। कांग्रेस जहां दोबारा सत्ता में वापसी का प्रयास करेगी तो भाजपा यहां सत्ता में लौटना चाहेगी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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