देश

Railway Coaches: रेलवे अब बनाएगा 'एंटी-इंजरी' कोच, दुर्घटना होने पर चोटों से बचेंगे

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Nov 9, 2023, 04:32 PM IST

हालांकि, बदलावों को लागू होने में कुछ समय लगेगा, लेकिन उम्मीद है कि आने वाले महीनों में सभी कोच फैक्ट्रियां इसे अपना लेंगी।

Image

रेल कोचों में चोट से बचेंगे यात्री

Photo : iStock

Anti-Injury Coaches: यात्रियों का सफर और सुरक्षित बनाने के लिए भारतीय रेलवे अब चोट-रहित (Anti Injury)फिटिंग वाले यात्री कोच बनाने पर विचार कर रहा है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इस कदम का मकसद किसी अप्रिय घटना या अचानक ब्रेक लगने या झटके लगने की स्थिति में कोचों के अंदर मौजूद यात्रियों को चोटों से बचाना है। अधिकारी ने कहा कि अभी यात्री कोच के अंदर लगा एक कोट हैंगर मेटल का बना होता है और अचानक झटके या किसी घटना की स्थिति में अगर यात्री का सिर इससे टकराता है तो चोट लग सकती है। इसी तरह सामान रैक सहित यात्री डिब्बों के अंदर बहुत सारी फिटिंग के किनारे खुरदुरे होते हैं, जिन्हें अब भविष्य में सुधारा जाएगा।

कोच फैक्ट्री को दिए गए निर्देश

सूत्र के अनुसार, रेलवे बोर्ड ने भारतीय रेलवे की सभी कोच निर्माण इकाइयों से कोचों के लिए उपकरण खरीद की योजना बनाते समय इसे ध्यान में रखने के लिए कहा है। बदलावों को लागू होने में कुछ समय लगेगा, लेकिन उम्मीद है कि आने वाले महीनों में सभी कोच फैक्ट्रियां इसे अपना लेंगी। रेलवे बोर्ड का यह निर्देश उन प्रमुख रेल दुर्घटनाओं के बाद आया है, जिनमें इस साल कई लोगों की जान चली गई है। इसका उद्देश्य दुर्घटना या अचानक ब्रेक लगाने की स्थिति में चोटों की गंभीरता को कम करना है।

जर्मनी की तकनीक लागू करने पर विचार

भारतीय रेलवे आईसीएफ-डिजाइन (ICF) कोचों को लिंके हॉफमैन बुश (LLB) कोचों से बदलने पर विचार कर रहा है। जर्मन-डिजाइन एलएचबी कोचों में एंटी-क्लाइंबिंग विशेषताएं होती हैं जो पटरी से उतरने की स्थिति में कोचों को एक-दूसरे पर चढ़ने से रोकती हैं। भले ही भारतीय रेलवे वंदे भारत, वंदे भारत स्लीपर और आम आदमी के लिए नई पुश-पुल ट्रेन वंदे साधारण जैसी नई पेशकशों के साथ ट्रेनों की गति बढ़ाने पर विचार कर रहा है, लेकिन सुरक्षा पर भी ध्यान दे रहा है ताकि यात्रियों का सफर चिंतामुक्त और सुविधाजनक बन सके।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें

आज की ताजा खबर, 25 अगस्त 2026 हिंदी न्यूज़ लाइव: ईरान ने अमेरिका के नए प्रतिबंधों को मानने से इनकार किया, बेरोजगारी और महंगाई के बीच BJP जमीनी स्तर पर उतारेगी अपने नेता...दिल्ली में भारी बारिश से सड़कों पर पानी भरा, 16 उड़ानें रद्द

आज की ताजा खबर, 25 अगस्त 2026 हिंदी न्यूज़ लाइव: ईरान ने अमेरिका के नए प्रतिबंधों को मानने से इनकार किया, बेरोजगारी और महंगाई के बीच BJP जमीनी स्तर पर उतारेगी अपने नेता...दिल्ली में भारी बारिश से सड़कों पर पानी भरा, 16 उड़ानें रद्द

कर्नाटक की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 1.07 करोड़ नाम हटे, अब राज्य में 4.46 करोड़ मतदाता, 43 लाख को मिलेंगे नोटिस

कर्नाटक की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 1.07 करोड़ नाम हटे, अब राज्य में 4.46 करोड़ मतदाता, 43 लाख को मिलेंगे नोटिस

हरियाणा के रोहतक से बड़ी खबर, राम रहीम फिर आया जेल से बाहर, 21 दिनों की पैरोल मिली

हरियाणा के रोहतक से बड़ी खबर, राम रहीम फिर आया जेल से बाहर, 21 दिनों की पैरोल मिली

'पित्तृसत्ता खत्म' करने वाले बयान पर रिजिजू का सवाल, पूछा-'केवल हिंदुओं को टारगेट क्यों करते हैं राहुल गांधी?'

'पित्तृसत्ता खत्म' करने वाले बयान पर रिजिजू का सवाल, पूछा-'केवल हिंदुओं को टारगेट क्यों करते हैं राहुल गांधी?'

पश्चिम बंगाल में TMC की कलह के बीच बड़ा यू-टर्न, बागी विधायक कासेम सिद्दीकी ने फिर थामा ममता का हाथ

पश्चिम बंगाल में TMC की कलह के बीच बड़ा यू-टर्न, बागी विधायक कासेम सिद्दीकी ने फिर थामा ममता का हाथ