Kiren Rijiju News: 'पित्तृसत्ता खत्म' करने वाले राहुल गांधी के बयान पर संदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने उन पर तीखा हमला बोला है। रिजिजू ने पूछा कि 'लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हिंदू परंपराओं को लगातार निशाना क्यों बनाते हैं जबकि अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं की हालत पर वे चुप रहते हैं। दरअसल, राहुल ने हाल ही में 'पित्तृसत्ता खत्म' खरने का बयान दिया है। सोशल मीडिया X पर कांग्रेस पार्टी के इस चयनित नजरिए पर रिजिजू ने सवाल खड़े किए।
'हमेशा सिर्फ हिंदुओं को ही क्यों बनाया जाता है?'
कांग्रेस के 'पितृसत्ता खत्म करो' वाले नारे पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सवाल उठाते हुए कहा, 'कांग्रेस कहती है कि पितृसत्ता को खत्म करो। लेकिन निशाना हमेशा सिर्फ हिंदुओं को ही क्यों बनाया जाता है? अल्पसंख्यक महिलाओं की बात क्यों नहीं होती? तीन तलाक का क्या हुआ? क्या मुस्लिम बेटियां हमारी बहनें और बेटियां नहीं हैं? अगर आप वास्तव में महिलाओं के साथ खड़े हैं, तो हर महिला, हर समुदाय और हर समय उनके साथ खड़े हों।'
'हमारी भारतीय बेटियां ISRO में नेतृत्व कर रही हैं'
रिजिजू ने मौजूदा सरकार के दौरान भारतीय महिलाओं की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 'नारी शक्ति' आज विभिन्न क्षेत्रों में अपनी ताकत दिखा रही है। उन्होंने कहा, 'हमारी भारतीय बेटियां ISRO में नेतृत्व कर रही हैं, लड़ाकू विमान उड़ा रही हैं और ओलंपिक में पदक जीत रही हैं। ‘लखपति दीदी’ और ‘ड्रोन दीदी’ के रूप में भी नारी शक्ति दिखाई दे रही है। भारतीय समाज को बांटने के लिए भारतीय बेटियों की उपलब्धियों को कमतर न आंकें।' रिजिजू की यह टिप्पणी लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा शनिवार को पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के दौरान दिए गए संबोधन के बाद आई।
मनुस्मृति के नाम पर प्रचलित कथन की आलोचना की
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों और सामाजिक नियंत्रण से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि हिंसा, अपमान और देखभाल के नाम पर जताई जाने वाली चिंताएं भी महिलाओं के उत्पीड़न के साधन बन सकती हैं। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान गांधी ने मनुस्मृति के नाम पर प्रचलित एक कथन की कड़ी आलोचना की। उन्होंने मनुस्मृति का हवाला देते हुए कहा, 'बचपन में स्त्री अपने पिता के अधीन होती है। युवावस्था में वह अपने पति के अधीन होती है। पति की मृत्यु के बाद वह अपने पुत्रों के अधीन होती है। स्त्री को कभी स्वतंत्र नहीं होना चाहिए।'
'महिलाओं को तभी सशक्त बनाया जा सकेगा'
राहुल गांधी ने इन शब्दों की कड़ी निंदा करते हुए कहा, 'यह मनुस्मृति का सीधा उद्धरण है और ये शब्द शर्मनाक हैं, क्योंकि ऐसे शब्द कभी नहीं कहे जाने चाहिए थे।' कांग्रेस सांसद ने महिलाओं को वास्तविक रूप से सशक्त बनाने के लिए पितृसत्तात्मक ढांचे को निर्णायक रूप से खत्म करने की मांग की। महिला छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश को 'मौजूदा पितृसत्ता को खत्म करना होगा', तभी महिलाओं को वास्तव में सशक्त बनाया जा सकेगा।
