देश

Vande Bharat Express: 15 अगस्त तक था 75 वंदे भारत चलाने का लक्ष्य, अब तक 16 ही पटरी पर उतरीं

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated May 25, 2023, 04:19 PM IST

​रेलवे को इस साल 15 अगस्त तक 75 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चलाने का काम सौंपा गया है, लेकिन वह लक्ष्य के करीब नहीं है।

Image

Vande Bharat Exp

Vande Bharat Express: उत्तराखंड को आज वंदे भारत एक्सप्रेस का तोहफा मिल गया। पीएम मोदी ने देहरादून से दिल्ली के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही ये देश में चलने वाली 16वीं वंदे भारत ट्रेन बन गई। भले ही देश में लगातार वंदे भारत ट्रेन का जाल बिछाया जा रहा हो, लेकिन ये लक्ष्य से काफी कम है।

रेलवे को इस साल 15 अगस्त तक 75 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चलाने का काम सौंपा गया है, लेकिन वह लक्ष्य के करीब नहीं है। इसके बजाय यह छोटे आठ-कोच वाले ट्रेन चला रहा है। इसकी गति भी अभी लक्ष्य के मुताबिक हासिल नहीं की गई है। 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के उलट ये 64 किमी प्रति घंटे की औसत गति से दौड़ रहे हैं। नई आठ-कोच वाली दिल्ली-देहरादून वंदे भारत की भी औसत गति है। अगले हफ्ते गुवाहाटी और न्यू जलपाईगुड़ी के बीच एक और आठ-कोच वाली रेक को हरी झंडी दिखाई जाएगी, जो पूर्वोत्तर को वंदे भारत रूट के मैप में लाएगी।

इन वजहों से उत्पादन पर असर

2021 के बाद से निर्देशों को अंतिम रूप देने, निविदा की शर्तों, के साथ-साथ इसके खुद के मुद्दों ने ट्रेनसेट के उत्पादन पर असर डाला है। पहली ट्रेन फरवरी 2019 में लॉन्च की गई थी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पिछले हफ्ते कहा था कि इनकी उत्पादन की गति बढ़ेगी। उन्होंने कहा था कि जल्द ही हम हर तीन दिन में एक ट्रेन चलाने में सक्षम होंगे।

औसत गति ही रह गई

इन ट्रेनों में से हर एक की औसत गति से पता चलता है कि तकनीकी गति प्रतिबंधों के कारण वंदे भारत ट्रेन राजधानी और शताब्दी जैसी मौजूदा सुपरफास्ट ट्रेनों के समान गति से ही दौड़ रही है। सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन की गति आम तौर पर 130 किमी प्रति घंटे होती है। रेलवे के एक प्रवक्ता ने बुधवार को कहा कि स्थायी गति प्रतिबंधों (पटरियों पर) को हटाना एक सतत प्रक्रिया है जिस पर डीआरएम और जीएम काम कर रहे हैं।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडल author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

End of Article