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Railway News: रेलवे ने रियायती फॉर्म में 'मानसिक मंदता' शब्द को हटाकर 'बौद्धिक अक्षमता' किया

Rail Concession News: एक रेलवे अधिकारी ने कहा, 'यह कदम काफी समय से लंबित था। नए रियायत प्रमाण पत्र फॉर्म में 1 जून से ये बदलाव शामिल किए जाएंगे।'

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'यह कदम काफी समय से लंबित था'

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रेल मंत्रालय ने रेल यात्रा में छूट चाहने वाले दिव्यांग व्यक्तियों को जारी किए जाने वाले रियायती फार्म में 'मानसिक रूप से अक्षम व्यक्ति' शब्द के स्थान पर 'बौद्धिक रूप से अक्षम व्यक्ति' शब्द लिखने का फैसला किया है। मंत्रालय द्वारा सभी रेलवे जोनों के प्रधान मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधकों को संबोधित करते हुए नौ मई को जारी परिपत्र में कहा गया है, 'रेल मंत्रालय ने 'मानसिक रूप से मंद व्यक्ति जो बिना अनुरक्षक के यात्रा नहीं कर सकते' शब्द के स्थान पर 'बौद्धिक रूप से अक्षम व्यक्ति जो बिना अनुरक्षक के यात्रा नहीं कर सकते' शब्द रखने का निर्णय लिया है।'

अधिकारियों ने कहा कि 'मानसिक रूप से मंद' जैसे शब्द आपत्तिजनक लगने के साथ-साथ नकारात्मक अर्थ के भी होते हैं।हालांकि, परिपत्र में रियायत प्रमाण पत्र फार्म का संशोधित प्रारूप भी संलग्न था, जिसमें अन्य दिव्यांगताओं के लिए 'विकलांग' और 'दिव्यांगजन' जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया था, जिससे दिव्यांगता अधिकार अधिवक्ताओं और कार्यकर्ताओं के बीच चिंता उत्पन्न हो गई थी।

संशोधित प्रपत्र में तीन श्रेणियों को निर्दिष्ट किया गया है जिन्हें यात्रा रियायत प्रदान की जाती है। इसमें कहा गया, 'अस्थि दिव्यांग/पक्षाघात से पीड़ित (व्यक्ति/रोगी) जो बिना अनुरक्षक के यात्रा नहीं कर सकते/बौद्धिक दिव्यांगता वाले व्यक्ति जो अनुरक्षक के बिना यात्रा नहीं कर सकते/श्रवण एवं वाणी की पूर्ण दिव्यांगता वाले व्यक्ति (एक ही व्यक्ति में दोनों विकार एक साथ) के लिए रियायत प्रमाण पत्र प्रपत्र...।'

कार्यकर्ताओं ने इन बदलावों का स्वागत करते हुए कहा कि इन्हें पहले ही लागू किया जाना चाहिए था, लेकिन उन्होंने कुछ 'आपत्तिजनक' शब्दों की ओर भी ध्यान दिलाया जो संशोधित रियायत फॉर्म में अब भी मौजूद हैं।गुरु तेग बहादुर अस्पताल के निदेशक और प्रोफेसर सतेंद्र सिंह ने कहा, 'रेल मंत्रालय हमेशा ही प्रतिक्रिया देने में धीमा रहता है, लेकिन देर आए दुरुस्त आए। उच्चतम न्यायालय ने पहले ही समावेशी भाषा पर एक पुस्तिका जारी कर दी है।'

सतेंद्र सिंह ने कहा, 'हम बदलाव का स्वागत करते हैं, लेकिन रेलवे अभी भी टुकड़ों में सुधार करने में लगा हुआ है।' उन्होंने कहा, 'यहां तक कि संशोधित रियायत फॉर्म में भी 'विकलांग' और 'दिव्यांगजन' जैसे विवादास्पद शब्दों का प्रयोग जारी है।'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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