देश

पटेल या ब्राह्मण को कूड़ा उठाने की नौकरी के लिए ₹50 हजार दूंगा...शंकरसिंह वाघेला का विवादित बयान, भड़की सियासी आग

बवाल बढ़ने और विरोध दर्ज होने के बावजूद शंकरसिंह वाघेला ने स्पष्ट किया कि उन्होंने जो कहा, वह आरक्षण विरोधी सोच वाली सरकार के संदर्भ में कहा था और वे अपने बयान पर किसी भी कीमत पर माफी नहीं मांगेंगे।

Image

शंकरसिंह वाघेला का विवादित बयान

Photo : PTI

Shankersinh Vaghela: गुजरात कांग्रेस के नेता शंकर सिंह वाघेला ने ऐसा बयान दिया है जिस पर वह विवादों में घिर गए हैं। वाघेला ने कहा कि पटेल या ब्राह्मण को कूड़ा उठाने की नौकरी के लिए ₹50 हजार दूंगा। वाघेला ने कहा, अगर आपको मैला उठाने की नौकरी करनी है और आप पटेल या ब्राह्मण हैं, जो आरक्षण के विरोधी हैं, तो मैं आपको महीने के ₹50 हजार दूंगा। बवाल बढ़ने और विरोध दर्ज होने के बावजूद शंकरसिंह वाघेला ने स्पष्ट किया कि उन्होंने जो कहा, वह आरक्षण विरोधी सोच वाली सरकार के संदर्भ में कहा था और वे अपने बयान पर किसी भी कीमत पर माफी नहीं मांगेंगे।

वाघेला ने कहा ,आप इन लोगों का मैला उठाइए और जिस हालत में आदिवासी समाज रहता है, उसी हालत में रहकर देखिए। आदिवासी इलाकों में बिजली, पानी और कई बुनियादी सुविधाओं की कमी है। उन्होंने कहा, वर्षों के अन्याय का मुआवजा आरक्षण है। आरक्षण किसी की मेहरबानी से नहीं मिला है। वाघेला ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और OBC की आबादी करीब 70 फीसदी होने का दावा किया। वाघेला ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में बिना किसी दबाव और संकोच के राजनीतिक फैसला लेने का समय है। वाघेला ने मौजूदा सरकार बदलकर दूसरी सरकार लाने की अपील की।

कहा क्या था वाघेला ने?

वाघेला ने आरक्षण के मुद्दे पर बात करते हुए कहा, जो लोग आरक्षण का विरोध करते हैं, चाहे वे पटेल हों, बनिया हों या ब्राह्मण—अगर वे कूड़ा उठाने और सफाई का काम करने को तैयार हों, तो मैं उन्हें हर महीने नकद 50,000 रुपये देने को तैयार हूं।

आरक्षण को बताया हक और मुआवजा

उन्होंने कहा कि जो वर्ग सदियों से गंदगी उठाने जैसा कठिन काम करते आए हैं, उन्हें आज मिल रहा आरक्षण कोई दया या मेहरबानी नहीं है, बल्कि सालों से हुए अन्याय का मुआवजा है। उन्होंने आगे कहा कि गुजरात में एससी, एसटी और ओबीसी मिलकर 70% हैं और वही राज्य के असली मालिक हैं।

मंच पर मौजूद थे कांग्रेस नेता

यह किसान सम्मेलन आदिवासी किसानों को वन भूमि पर अधिकार दिलाने की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। मंच पर गुजरात कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

माफी मांगने से साफ इनकार

बवाल बढ़ने और विरोध दर्ज होने के बावजूद शंकरसिंह वाघेला ने स्पष्ट किया कि उन्होंने जो कहा, वह आरक्षण विरोधी सोच वाली सरकार के संदर्भ में कहा था और वे अपने बयान पर किसी भी कीमत पर माफी नहीं मांगेंगे। बीजेपी नेता यज्ञेश दवे ने पलटवार करते हुए चुनौती दी, शंकरसिंह बापू को यह शुरुआत अपने घर से करनी चाहिए। अगर वे मेरे घर का कूड़ा और गंदगी उठाने को तैयार हैं, तो मैं उन्हें हर महीने 5 लाख रुपये देने को तैयार हूं।

पाटीदार नेता दिनेश बांभनीया और कई अन्य सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया कि वाघेला अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बचाने के लिए समाज में वैमनस्य फैला रहे हैं। ब्रह्म समाज और पाटीदार संगठनों के युवाओं ने वाघेला को माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया है और चेतावनी दी है कि ऐसा न करने पर उनके आवास 'वसंत वगडो' का घेराव किया जाएगा।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article