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अलमारी भरी है, फिर भी पहनने को कुछ नहीं- अगर आपको भी होती है ये दुविधा तो फेस्टिव शॉपिंग से पहले करें ये 7 काम

अलमारी कपड़ों से भरी है, फिर भी पहनने को कुछ नहीं मिलता? अगर आपको भी ये दुविधा होती है तो फेस्टिव शॉपिंग से पहले करें ये 7 काम। पुराने कपड़ों से नए लुक बनाएं और जरूरत के हिसाब से खरीदारी करें।

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अलमारी से कैसे छांटे त्योहारों के लिए कपड़े

Festive Shopping Tips: त्योहार आने वाले हैं और आपका भी मन कुछ नया खरीदने का कर रहा होगा। लेकिन शॉपिंग पर निकलने से पहले जरा अपनी अलमारी खोलकर देखिए। हो सकता है, जिस फेस्टिव लुक के लिए आप नया सूट ढूंढ रही हैं, उसकी अच्छी शुरुआत घर में रखे किसी कुर्ते या साड़ी से ही हो जाए। बस थोड़ा वक्त निकालना होगा और बजट में आपका लुक पूरा हो जाएगा। चलिए, एक-एक करके देखते हैं कि करना क्या है।

अलमारी के सामने खड़े होकर आपने भी कभी खुद से कहा ही होगा कि इतने कपड़े हैं, लेकिन पहनूं क्या? फिर एक सूट निकालती हैं। उसका दुपट्टा नहीं मिलता। दूसरी साड़ी पसंद आती है, लेकिन ब्लाउज की फिटिंग याद आते ही उसे वापस रख देती हैं। आखिर में वही रुटीन के कपड़े पहनकर काम चला लेती हैं।

लेकिन थोड़ी प्लानिंग करेंगी तो इस बार त्योहार पर ऐसा नहीं करना पड़ेगा। नए कपड़े लेने का मन है तो जरूर लीजिए। मगर उससे पहले अपनी अलमारी में रखी चीजें देख लें। इससे पता चलेगा कि आपको पूरा सेट चाहिए या बस एक छोटी-सी चीज, जिसे लेने भर से आप अपनी पसंदीदा ड्रेस को खूब शौक से पहन सकती हैं।

1. पहले फेस्टिव कपड़े बाहर निकाल लें

चलिए, शुरुआत आसान रखते हैं। अभी पूरी अलमारी खाली करने की जरूरत नहीं है। सिर्फ वे कपड़े निकालिए, जिन्हें पूजा, ऑफिस के फेस्टिव आयोजन या परिवार की दावत में पहनना अच्छा लगेगा।

अलग अलग जगहों पर समेट रखे साड़ियां, सूट, कुर्ते, दुपट्टे और ब्लाउज को एक जगह रख लें। अब देखिए, इनमें से क्या पहनने का मन है। जो कपड़े तैयार हैं, उन्हें एक तरफ रखें। जिन्हें सिलाई या धोने की जरूरत है, उन्हें दूसरी तरफ। जिन्हें देखकर इस बार भी पहनने का मन नहीं हो रहा है तो उन्हें फिलहाल अलग रख दें।

2. पसंद आया है तो पहनकर भी देखिए

कोई पुराना सूट निकालकर अच्छा लगा? उसे सिर्फ अपने सामने लगाकर वापस मत रखिए। एक बार पहनकर देख लें। हो सकता है कि कुर्ता ठीक आए लेकिन उसकी बांह में खिंचाव हो। या पैंट खड़े होने पर ठीक लगे, मगर बैठते समय परेशान करे। कपड़े पहनकर थोड़ा चलिए, बैठिए और हाथ उठाकर देखिए।

त्योहार पर फोटो के अलावा भी बहुत कुछ करना होता है। पूजा में बैठना, मेहमानों से मिलना, कभी रसोई में भी जाना पड़ता है। ऐसे में कपड़ा अच्छा दिखने के साथ ही आरामदायक होना भी जरूरी है। जिस र्डेस की फिटिंग ठीक नहीं लग रही, उसे अभी अलग कर लें।

3. अब हर कपड़े का पूरा सेट बनाइए

यह वाला काम जरूर कीजिए। पसंदीदा कुर्ते के साथ उसकी पैंट और दुपट्टा निकालकर एक साथ रखिए। साड़ी चुनी है तो ब्लाउज और पेटीकोट भी साथ रख लें।

इस तरह आपको पता चलेगा कि आपके पास कितने पूरे सेट हैं और क्या नया लेना है और क्या ठीक करवाना है। कई बार पसंदीदा साड़ी या सूट खराब हो रही एक हुक की वजह से भी पहनने से रह जाता है। अब सारे काम की दो सब हेडर के नीचे लिस्ट बना लें। कपड़े अलग अलग पैकेट में इसी आधार पर रखें। दुकान परपहुंचकर यह नोट काफी काम आएगा।

4. सिलाई और सफाई का काम अभी करवा लें

वह ब्लाउज याद है, जिसे हर बार देखकर सोचती हैं कि अगली बार ठीक करवा लूंगी? इस बार उसे बैग में रखिए और दर्जी तक पहुंचा दीजिए।

बाकी कपड़ों पर भी नजर डाल लें। किसी का बटन ढीला है? जिप अटक रही है? दुपट्टे की किनारी खुल तो नहीं गई है। ये सारे छोटे काम हैं, लेकिन तैयार होने के समय यही सबसे ज्यादा खलते हैं।

जिन कपड़ों को साफ कराना है, उन्हें भी अलग रखें। धुलाई से पहले केयर लेबल देख लें। नाजुक कढ़ाई वाले कपड़े की सफाई का तरीका अलग हो सकता है। ये काम पहले हो जाएंगे तो त्योहार वाले दिन आराम से तैयार हो पाएंगी।

5. पुराने कपड़ों के साथ थोड़ा प्रयोग करें

अब तक जो सूट हमेशा एक ही दुपट्टे के साथ पहना है, उसके साथ दूसरा दुपट्टा लगाकर देखिए। शायद अलमारी में रखा कोई रंग उससे खूब मेल खाए।

सादे कुर्ते के साथ बनारसी दुपट्टा निकालें। किसी दूसरे सेट की पैंट भी मिलाकर देखें। साड़ी के साथ इस बार अलग झुमके पहनकर देख सकती हैं। जरूरी नहीं कि हर चीज उसी सेट की हो, जिसमें वह खरीदी गई थी।

जो कॉम्बिनेशन अच्छा लगे, उसकी फोटो ले लें। यह छोटी-सी तैयारी बाद में बहुत मदद करेगी। जब जल्दी में होंगी, फोन खोलकर देख लेंगी कि कौन-सी चीज किसके साथ पहननी है।

6. शॉपिंग लिस्ट में साफ लिखें कि क्या चाहिए

अब खरीदारी की बारी आती है। लेकिन उससे पहले सोचिए कि किन मौकों पर जाना है। घर की पूजा, ऑफिस का कार्यक्रम या शाम की पार्टी? दिनभर पहनने वाले कपड़े की जरूरत है या कुछ घंटों के लिए तैयार होना है?

फिर सूची बनाएं। सिर्फ एक नया सूट लिखने की जगह थोड़ा साफ लिखिए कि चाहिए क्या जैसे कि हल्का कुर्ता सेट, क्रीम पैंट या लाल साड़ी के लिए ब्लाउज।

बजट में सिलाई और जरूरी इनर का खर्च भी जोड़ लें। और दुकान में कुछ पसंद आए तो खुद से पूछें कि मैं इसे पहनूंगी कब? इसके साथ बाकी चीजें मेरे पास हैं? जवाब मिल जाए तो फैसला करना आसान होगा।

7. जो नहीं पहनतीं, उन्हें फिर बैग में घुसा कर ना रखें

आखिर में उन कपड़ों को देखिए, जिन्हें आपने अलग रखा था। किसी से याद जुड़ी है तो उसे संभालकर अलग रख सकती हैं। हर बार अलमारी खोलते हुए उसके बीच से रोज के कपड़े ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

कुछ कपड़े अच्छी हालत में हैं, लेकिन अब आपकी पसंद या फिटिंग के नहीं हैं। उन्हें किसी ऐसे व्यक्ति को दे सकती हैं, जो खुशी से पहनना चाहे।

अब अपने पहनने वाले कपड़ों को इस तरह रखें कि वे नजर आएं। तैयार सेट साथ रखिए। अगली बार अलमारी खोलेंगी तो शायद तुरंत याद आ जाए कि यह वाला कुर्ता उस दुपट्टे के साथ पहनना है।

और शॉपिंग पर जाते समय अपनी लिस्ट के साथ उन कॉम्बिनेशन की तस्वीरें भी ले जाएं। कोई पैंट या दुपट्टा पसंद आए तो वहीं मिलान कर सकेंगी। फिर नया सामान घर लाकर उसके लिए पूरी अलमारी दोबारा नहीं खंगालनी पड़ेगी।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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