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थम नहीं रहे राहुल गांधी, गुजरात के बाद अब जाएंगे मणिपुर, हिंसा प्रभावित लोगों से करेंगे मुलाकात

Rahul Gandhi News: मणिपुर में हिंसा आरंभ होने के बाद राहुल गांधी की यह तीसरी यात्रा होगी। वह पिछले साल मई में हिंसा शुरू होने के कुछ हफ्ते बाद ही मणिपुर गए थे। इस साल की शुरुआत में ही उन्होंने भारत जोड़ो न्याय यात्रा भी मणिपुर से निकाली थी।

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मणिपुर का दौरा करेंगे राहुल गांधी।

Photo : Twitter

Rahul Gandhi Manipur Visit: लोकसभा चुनाव में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हौसले बुलंद हैं। चुनाव के बाद से वह एनडीए सरकार को लगातार घेरने का प्रयास कर रहे हैं। शनिवार को राहुल गांधी ने गुजरात का दौरा कर भाजपा की टेंशन बढ़ा दी थी। अब सामने आया है कि सोमवार को राहुल गांधी हिंसा प्रभावित राज्य मणिपुर का दौरा करेंगे। वह यहां विभिन्न जिलों में हिंसा प्रभावित लोगों से मुलाकात करने वाले हैं।

कांग्रेस की मणिपुर इकाई के अध्यक्ष के. मेघचंद्र ने कहा कि राहुल गांधी विमान से दिल्ली से सिलचर जाएंगे और वहां से जिरीबाम जिले में जाएंगे, जहां छह जून को ताजा हिंसा हुई थी। मणिपुर में हिंसा आरंभ होने के बाद राहुल गांधी की यह तीसरी यात्रा होगी। वह पिछले साल मई में हिंसा शुरू होने के कुछ हफ्ते बाद ही मणिपुर गए थे। इस साल की शुरुआत में ही उन्होंने भारत जोड़ो न्याय यात्रा भी मणिपुर से निकाली थी।

राहत शिविरों का दौरा करेंगे राहुल गांधी

के मेघचंद्र ने बताया कि राहुल गांधी जिले में कुछ राहत शिविरों का दौरा करेंगे। फिर वह सिलचर हवाई अड्डा लौटेंगे और वहां से इंफाल के लिए उड़ान भरेंगे। उन्होंने कहा कि इंफाल में उतरने के बाद राहुल चुराचांदपुर जिले में पहुंचकर राहत शिविरों में रहने वाले लोगों से बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि चुराचांदपुर से राहुल गांधी सड़क मार्ग से बिष्णुपुर जिले के मोइरंग पहुंचेंगे और कुछ राहत शिविरों का दौरा करेंगे। इसके बाद वह इंफाल लौटेंगे, जहां राज्यपाल अनुसुइया उइके से उनकी मुलाकात की योजना बनाई जा रही है। मेघचंद्र ने कहा कि इसके बाद वह राज्य से रवाना हो जाएंगे।

लोकसभा चुनाव के बाद पहली मणिपुर यात्रा

लोकसभा चुनाव के बाद राहुल की यह पहली मणिपुर यात्रा है, जहां की दोनों संसदीय सीट पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। कांग्रेस विधायक दल के नेता ओ. इबोबी सिंह ने कहा, पिछले साल तीन मई को हिंसा भड़कने के बाद से गांधी ने दो बार राज्य का दौरा किया है। उन्होंने लोगों के दर्द और दुख के बारे में जानने के लिए राहत शिविरों का दौरा किया था। बता दें, राहुल गांधी और कांग्रेस मणिपुर का दौरा नहीं करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर लगातार हमले करते आ रहे हैं। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर गत एक जुलाई को लोकसभा में विपक्ष की ओर से चर्चा की शुरुआत करते हुए आरोप लगाया था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अपनी नीतियों और राजनीति से मणिपुर को गृहयुद्ध में धकेल दिया है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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