Bharat Bhand: केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने किसान संगठनों के साथ मिलकर गुरुवार को भारत बंद का बुलाया। देशभर में इसका मिला-जुला असर देखने को मिला। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने भारत बंद का समर्थन किया, लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम सांसद शशि थरूर ने इसका विरोध किया। उन्होंने देशव्यापी बंद की आलोचना करते हुए इसे एक 'दुखद विडंबना' करार दिया।
क्या कुछ बोले शशि थरूर?
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 'एक्स' पर कहा कि भारत के बाकी हिस्से ऐसे जबरन बंद और हड़ताल जैसी गतिविधियों से आगे बढ़ चुके हैं, लेकिन केरल अब भी ऐसी स्थिति में फंसा हुआ है। उन्होंने कहा कि केरल आज भी असंगठित बहुसंख्यक वर्ग पर एक छोटे समूह के इस संगठित अत्याचार का अनूठा शिकार बना हुआ है। सांसद ने कहा, ''यह एक दुखद विडंबना है कि आज का भारत बंद वास्तव में एक और केरल बंद मात्र है।''
इससे पहले दिन में, केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने भी जनता से इस बात पर चर्चा करने को कहा कि राष्ट्रव्यापी हड़ताल राज्य में पूर्ण बंद में कैसे बदल सकती है। शशि थरूर ने कहा "राजनीति में आने के बाद से मेरा रुख एक जैसा रहा है: मैं विरोध करने के अधिकार का समर्थन करता हूं, लेकिन बाधा डालने के अधिकार का नहीं। किसी भी भारतीय को किसी दूसरे भारतीय की स्वतंत्र आवाजाही में बाधा डालने का संवैधानिक अधिकार नहीं है।"
कांग्रेस सांसद के अनुसार, केरल के लोगों ने अपने 'उग्र यूनियनवाद' के कारण उद्योगों को दूर कर दिया है; अब, 'बल प्रयोग' के इन पुरातन तरीकों को अपनाए रखने की वजह से नागरिकों को उनके ही घरों में कैद कर दिया गया है, और दुकानदारों को अपनी दुकानें बंद करने के लिए मजबूर किया गया तथा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राज्य, युवाओं और उद्यम के लिए अनुकूल न बना रहे।
समाचार एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, शशि थरूर ने कहा किअब समय आ गया है कि हम इस आत्म-विनाशकारी आदत से आगे बढ़ें। हम इसकी जगह हमेशा रचनात्मक विरोध अपना सकते हैं।
