दिल्ली में भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI)) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पहलवानों पर पुलिस की कार्रवाई के बाद विपक्ष के नेता सीधे पीएम मोदी पर हमला बोलने लगे हैं। बृजभूषण शरण सिंह भाजपा से सांसद हैं और प्रदर्शन रहे कई नामी पहलवानों ने उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। रविवार को इन पहलवानों ने महिला पंचायत का आयोजन किया था। पहलवानों ने नए संसद भवन के पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का ऐलान किया था, जिसके बाद आज निर्धारित समय पर जब वो निकले तो पुलिस से सामना हुआ और फिर बैरिकेड तोड़कर पहलवान जब आगे बढ़ना चाहे तो पुलिस ने कार्रवाई कर दी। इस कार्रवाई के दौरान पहलवानों को चोट भी आई है, उनके सड़क पर गिरे होने का वीडियो सामने आया है, जिसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर सीधे हमला बोल दिया है।
क्या कहा राहुल गांधी ने
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस कार्रवाई के वीडियो को ट्वीटर पर शेयर करते हुए नए संसद भवन के उद्घाटन से जोड़ दिया। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा- "राज्याभिषेक पूरा हुआ - 'अहंकारी राजा' सड़कों पर कुचल रहा जनता की आवाज़!"
प्रियंका गांधी ने भी बोला हमला
सिर्फ राहुल गांधी ने ही नहीं बल्कि प्रियंका गांधी से लेकर कई विपक्षी नेताओं ने इस कार्रवाई के लिए पुलिस और सरकार की आलोचना की है। प्रियंका गांधी ने कहा कि खिलाड़ियों की छाती पर लगे मेडल हमारे देश की शान होते हैं। उन मेडलों से, खिलाड़ियों की मेहनत से देश का मान बढ़ता है। भाजपा सरकार का अहंकार इतना बढ़ गया है कि सरकार हमारी महिला खिलाड़ियों की आवाजों को निर्ममता के साथ बूटों तले रौंद रही है। ये एकदम गलत है। पूरा देश सरकार के अहंकार और इस अन्याय को देख रहा है।
खत्म हो जाएगा प्रदर्शन
विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया को दिल्ली पुलिस ने रविवार को सुरक्षा घेरा तोड़कर महिला ‘महापंचायत’ के लिए नए संसद भवन की ओर बढ़ने की कोशिश करने के बाद कानून और व्यवस्था के उल्लंघन के लिए हिरासत में ले लिया। कहा जा रहा है कि इसके बाद जंतर-मंतर पर पहलवानों के विरोध-प्रदर्शन का अंत हो सकता है। पहलवानों को जबरदस्ती बसों में बैठाकर अज्ञात स्थल पर भेज दिया गया। पुलिस ने इसके बाद पहलवानों के अन्य सामान के साथ चारपाई, गद्दे, कूलर, पंखे और तिरपाल की छत को हटा दिया। ऐसा लगता है कि पुलिस अब पहलवानों को दोबारा धरना स्थल पर आने की स्वीकृति नहीं देगी लेकिन इस संदर्भ में अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस ने पहलवानों को चेताया था कि वे संसद की तरफ नहीं जाएं लेकिन वे आगे बढ़े जिसके बाद झड़प हुई।
