SIR विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर हमला तेज कर दिया है और चुनाव आयोग के प्रमुख को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी की यह टिप्पणी तब आई है जब विपक्षी दलों ने SIR प्रक्रिया और वोटर लिस्ट में बदलाव के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है।
उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा, 'सवाल: CEC ज्ञानेश कुमार अकेले ऐसे भारतीय क्यों हैं जिन्हें जीवन भर के लिए पूरी कानूनी सुरक्षा मिली हुई है? जवाब: क्योंकि PM मोदी चुनाव में धांधली के लिए उनका इस्तेमाल करते हैं।'
यह विवाद तब और बढ़ गया जब 'इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने चुनाव आयोग के नाम पर लिए गए फैसलों पर 10 महीनों में कम से कम 14 बार औपचारिक रूप से आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट में वोटर रजिस्ट्रेशन, नाम हटाने, नाम बहाल करने और SIR प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों का जिक्र था।
TIMES NOW Navbharat पर यह भी पढ़ें: आगरा में CEC ज्ञानेश कुमार के घर पर कालिख पोती, किया प्रदर्शन, 6 कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हत्या की कोशिश का मामला दर्ज
हालांकि, चुनाव आयोग का कहना है कि तीन सदस्यीय पैनल के भीतर मतभेद और विचार-विमर्श उसके कामकाज का हिस्सा हैं। EC अधिकारियों ने यह भी कहा है कि SIR से जुड़े फैसलों सहित सभी फैसलों पर तीनों आयुक्तों की मंज़ूरी थी।
राहुल गांधी की मांगें
CEC ज्ञानेश कुमार और SIR के मुद्दे पर राहुल गांधी ने कहा है कि ज्ञानेश कुमार को आखिरकार जाना ही होगा। उन्होंने यह भी कहा कि चाहे वह इस्तीफा दें या न दें, यह आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने पार्टी के सामने तीन मांगें भी रखीं:
- ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा
- SIR को तुरंत रोकना
- प्रधानमंत्री और गृह मंत्री द्वारा ज़िम्मेदारी लेना, साथ ही राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की भी मांग की।
खड़गे ने बैलेट पेपर और CEC को हटाने की मांग की
बुधवार को नई दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक में, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने और EVM वोटिंग की जगह बैलेट पेपर से वोटिंग कराने की विपक्ष की मांग को फिर से दोहराया। खरगे ने कहा, 'EVMs पर हमारा रुख भी साफ होना चाहिए। ये ऐसी मशीनें हैं जिनका इस्तेमाल BJP अपनी ज़रूरतों के हिसाब से करती है - राहुल जी के शब्दों में कहें तो - चुनाव जीतने, त्रिशंकु संसद (hung house) की स्थिति बनाने या चुनाव हारने के लिए। इसलिए हम उन्हें इन मशीनों का और इस्तेमाल नहीं करने दे सकते; भारत की चुनाव प्रणाली में भरोसा और विश्वास बहाल करने के लिए हमें वापस बैलेट वोट (मतपत्र) प्रणाली पर लौटना होगा।'
खरगे ने भविष्य के चुनावों में प्री-SIR वोटर लिस्ट का इस्तेमाल करने, वोटर लिस्ट में बदलाव के दौरान ज़्यादा पारदर्शिता लाने, वोटर का नाम हटाने से पहले अपील का असरदार सिस्टम बनाने, प्रशासनिक खामियों से योग्य वोटरों को बचाने, पहली बार वोट देने वालों के लिए आसान रजिस्ट्रेशन और संस्थागत जवाबदेही बढ़ाने की भी मांग की।
