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'जिन्ना की चाल दोहरा रहे राहुल गांधी', जाति जनगणना मुद्दे पर भड़के विवेक अग्निहोत्री का आया बड़ा बयान

Caste Census: जाति जनगणना मुद्दे को लेकर राहुल गांधी पर भड़के विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि राहुल गांधी जिन्ना की चाल दोहरा रहे हैै। फिल्म मेकर विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि राहुल गांधी का जाति जनगणना अभियान वीपी सिंह के खतरनाक मंडल आयोग अभियान की याद दिलाता है।

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जाति जनगणना को लेकर फिल्म मेकर विवेक अग्निहोत्री ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

Photo : Twitter

Rahul Gandhi: 'द कश्मीर फाइल्स' फिल्म को लेकर सुर्खियों में आए फिल्म मेकर विवेक रंजन अग्निहोत्री अब अपनी नई फिल्म 'द दिल्ली फाइल्स' की तैयारियों में जुटे हैं। इसके लिए वह बारीकी से रिसर्च कर रहे हैं, ताकि फैक्ट्स में कहीं कोई कमी न रहे। अपने काम के अलावा, विवेक अपने बेबाक अंदाज के लिए भी जाने जाते हैं। वह हर मुद्दे पर अपनी राय रखने से पीछे नहीं हटते। बुधवार को विवेक ने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें सबसे ऊपर लिखा गया- 'जाति जनगणना एक भयावह राजनीतिक चाल क्यों है?' अपने पोस्ट में फिल्ममेकर ने लिखा, ''मैं अपनी फिल्म 'द दिल्ली फाइल्स' में ज्यादा बिजी हूं, इसलिए मैं राजनीति में क्या हो रहा है, इस पर बारीकी से नजर नहीं रख पा रहा हूं।'' ''कल रात मैंने राहुल गांधी का भाषण देखा, और इसमें एक बड़ी समस्या है। अगर जातियों के लिए चिंता सचमुच होती, तो मैं इसे समझता, लेकिन यह सिर्फ हिंदू वोटों को बांटने और सत्ता हासिल करने के लिए है। इस भयावह अभियान के केंद्र में पीएम मोदी हैं, जाति नहीं। यह मोदी पर केंद्रित है, जाति पर नहीं। इसलिए यह सच नहीं है, यह भयावह है। यहां कुछ कारण है...''

राहुल गांधी का जाति मुद्दों से कोई लेना-देना नहीं- विवेक अग्निहोत्री

विवेक ने पांच कारण दिए, जिसमें पहले कारण में लिखा, ''जब भाजपा ने राम आंदोलन शुरू किया तो यह राजनीतिक और वैचारिक दोनों था। भाजपा और आरएसएस के लोग इसी तरह के होते हैं। उन्होंने जोश के साथ लड़ाई लड़ी और जीत हासिल की, जिससे सभी हिंदू एक हो गए, जो देश के लिए अच्छा था।''

दूसरे कारण में लिखा, ''राहुल गांधी का जाति जनगणना अभियान वीपी सिंह के खतरनाक मंडल आयोग अभियान की याद दिलाता है। राजा साहब वीपी सिंह ने अपनी सत्ता बचाने के लिए जाति के नाम पर राजनीति का यह खतरनाक दांव खेला था, जबकि उन्हें इस पर पूरा भरोसा नहीं था। इसका नतीजा यह हुआ कि समाज जाति के मामले में हमेशा के लिए टूट गया।''

तीसरे कारण में लिखा, ''राहुल गांधी का जाति मुद्दों से कोई लेना-देना नहीं है, यह सब नकली है, जिसका मकसद सत्ता हथियाना है। राहुल गांधी जातियों के प्रति सहानुभूति नहीं, बल्कि जाति के नाम पर केवल राजनीति कर रहे हैं। यह अभियान लड़ाई-झगड़े, अराजकता और अव्यवस्था पैदा करेगा। समाज को और विभाजित करेगा। यह वही है जो शहरी नक्सली चाहते हैं।''

यह नरेंद्र मोदी की परीक्षा नहीं है, यह हर हिंदू की परीक्षा है- विवेक अग्निहोत्री

चौथे कारण में फिल्ममेकर ने लिखा, ''पिछले पांच सालों से हम 'द दिल्ली फाइल्स' के लिए भारत के बंटवारे पर रिसर्च कर रहे हैं। मैंने जाना है कि जिन्ना धर्मनिरपेक्ष थे और गांधी जाति-धर्म की राजनीति के खिलाफ थे। लेकिन जब जिन्ना गांधी की लोकप्रियता को चुनौती नहीं दे सके, तो उन्होंने धर्म का कार्ड खेला और भारत को विभाजित कर दिया। राहुल गांधी वही दोहरा रहे हैं जो जिन्ना और वीपी सिंह ने किया था। राजनीति में यह सबसे आसान चाल है।''

अपने आखिरी और पांचवें कारण में विवेक ने लिखा, ''हिंदुओं को यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि भारत ही हमारा सब कुछ है। भारत तभी विकसित होगा जब हम एकजुट होंगे। भारत तभी सुरक्षित और मजबूत होगा जब हम सब एकजुट होंगे। पिछले एक दशक में हम पहले से कहीं ज्यादा एकजुट हुए हैं। इसके लिए 100 साल की कुर्बानी दी गई है। इस एकता को मत खोइए। यह नरेंद्र मोदी की परीक्षा नहीं है, यह हर हिंदू की परीक्षा है। कृपया इसमें असफल न हों।"

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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