देश

चुनावी मोड में कांग्रेस: राहुल गांधी-प्रियंका ले रहे सचिवों के इंटरव्यू, बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी

आगामी विधानसभा चुनावों और 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपनी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। इस बाबत पार्टी के महासचिवों और प्रभारी नेताओं को कहा गया है कि उनके साथ काम कर रहे सचिवों की राज्यों में नियमित मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। सचिवों को हर महीने करीब 15 से 20 दिन संबंधित राज्यों में रहकर संगठन का काम देखने को कहा गया है।

Image

कांग्रेस का चुनावी प्लान

कांग्रेस ने आगामी चुनावों को देखते हुए अपने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। पार्टी नेतृत्व ने संगठन से जुड़े पदाधिकारियों की सक्रियता बढ़ाने के साथ-साथ उनके कामकाज की निगरानी और जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम उठाया है।

पार्टी के महासचिवों और प्रभारी नेताओं को कहा गया है कि उनके साथ काम कर रहे सचिवों की राज्यों में नियमित मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। सचिवों को हर महीने करीब 15 से 20 दिन संबंधित राज्यों में रहकर संगठन का काम देखने को कहा गया है। इससे राज्यों में पार्टी की गतिविधियों पर केंद्रीय नेतृत्व की पकड़ और मजबूत होने की उम्मीद है।

नए सचिवों के चयन की प्रक्रिया भी तेज

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह व्यवस्था पहले से जिम्मेदारी संभाल रहे सचिवों के अलावा नए नियुक्त होने वाले सचिवों पर भी लागू होगी। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पार्टी नेतृत्व की ओर से तैयार किए गए संभावित नामों के पैनल में से नए सचिवों के चयन के लिए इंटरव्यू ले रहे हैं। नए सचिवों को केवल राज्य का दौरा करने की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी, बल्कि उन्हें संगठन से जुड़े स्पष्ट टारगेट और जिम्मेदारियां भी सौंपी जाएंगी। उनकी भूमिका राज्य संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय बनाए रखने में अहम होगी।

अब संगठन में काम का हिसाब भी होगा

कांग्रेस ने संगठन सृजन अभियान के अगले चरण में पदाधिकारियों के काम का आकलन शुरू कर दिया है। जिला, मंडल और ब्लॉक स्तर पर पार्टी की कमान संभाल रहे नेताओं के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी। जिला अध्यक्षों के कामकाज के आधार पर उन्हें A, B और C श्रेणी में रखने की योजना है। जिन अध्यक्षों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया जाएगा, उन्हें C श्रेणी में रखा जा सकता है और ऐसे पदाधिकारियों को नोटिस दिए जाने की संभावना है।इसी तरह, राज्यों में पार्टी के विभिन्न विभागों और सेल्स की कमान संभाल रहे निष्क्रिय पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

राज्यों में रिव्यू मीटिंग का दौर

बिहार में मंडल और ब्लॉक अध्यक्षों के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल अलग-अलग राज्यों के नेतृत्व के साथ संगठन को लेकर बैठकें कर रहे हैं। गुजरात में रणदीप सिंह सुरजेवाला को महासचिव-प्रभारी बनाए जाने के बाद संगठन की स्थिति पर हर महीने समीक्षा बैठक करने का निर्णय लिया गया है।

वहीं, उत्तर प्रदेश में भी संगठन के पुनर्गठन की प्रक्रिया जारी है। नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के साथ पार्टी के विभिन्न स्तरों पर समितियों के गठन की तैयारी की जा रही है। केसी वेणुगोपाल ने 4 सितंबर को यूपी कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठक कर संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की थी।

कांग्रेस का यह पूरा अभियान पार्टी के संगठन को चुनावी मोड में लाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले संगठन की कमियों को दूर किया जाए और 2029 के लोकसभा चुनाव तक एक सक्रिय और जवाबदेह चुनावी मशीनरी तैयार की जाए।

Ranjeeta Jha
रंजीता झाauthor

13 साल के राजनीतिक पत्रकारिता के अनुभव में मैंने राज्य की राजधानियों से लेकर देश की राजधानी तक सियासी हलचल को करीब से देखा है। प्लांट की गई बातें ख़बरें नहीं होती बल्कि बातों के पीछे छुपी सच्चाई असली ख़बर होती है। खबरें वही जो आपके सरोकार की हो वो आपतक लेकर आऊंगी।

और पढ़ें
End of Article