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2000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर नहीं लगेगा 0.5% टैक्स, कांग्रेस का दावा झूठा : भाजपा

₹2,000 से ज्यादा के UPI भुगतान पर 0.5 फीसदी शुल्क लगाने के कांग्रेस के दावे पर भाजपा ने सफाई दी है। भाजपा ने इसे सरासर झूठ बताते हुए कांग्रेस को तथ्य पढ़ने की सलाह दी है।

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2000 से अधिक के UPI पेमेंट पर कांग्रेस का दावा और भाजपा का आरोप

BHIM ऐप, PhonePe, Google Pay, Paytm जैसी एप्स के जरिए UPI पेमेंट आप भी करते होंगे। अब सरकार ने 2000 रुपये तक के UPI लेनदेन पर किसी तरह का कोई शुल्क न लेने का निर्देश दिया है। इससे यह भी साफ हो गया है कि 2000 से रुपये से ज्यादा के भुगतान पर कुछ शुल्क आपको चुकाना पड़ेगा। इसे लेकर राजनीति भी जोरों पर है। देश में प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने 2000 रुपये से ऊपर के UPI पेमेंट पर 0.5% टैक्स लगाने की बात कही, जिस पर भाजपा नेता अमित मालवीय ने कांग्रेस के दावे को झूठ करार दिया।

कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया X हैंडल से एक पोस्ट में यह जानकारी दी। कांग्रेस का कहना है कि अगर आपने ₹5,000 की खरीदारी की तो ₹25 का चार्ज लगेगा। अगर ₹10,000 की खरीदारी की तो ₹50 वसूला जाएगा। कांग्रेस का कहना है, पहले UPI पेमेंट पूरी तरह फ्री था, लेकिन नरेंद्र मोदी से ये देखा नहीं गया और यहां भी वसूली का खेल शुरू कर दिया। कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, मोदी का फंडा साफ है - जितना हो सके जनता को लूट लो और अपने मित्र की तिजोरी भरो। ये सरकार जनता की सरकार नहीं है, ये चंद उद्योगपतियों की सरकार है और नरेंद्र मोदी उनके एजेंट।

कांग्रेस के इस पोस्ट पर BJP नेता अमित मालवीय ने X पर ही एक पोस्ट करके जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई सरकारी आदेश, टैक्स या consumer charge नहीं है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, '14 सितंबर की अधिसूचना ने सिर्फ ₹2,000 तक के UPI और RuPay transactions पर zero-charge protection को स्पष्ट किया है। ₹2,000 से ऊपर के UPI payments पर 0.5% charge तय नहीं किया गया है।'

अमित मालवीय ने आगे कहा, और सबसे अहम बात, UPI users से कोई charge नहीं लिया जा रहा है। Person-to-person UPI transactions किसी भी राशि पर free हैं। सरकार ने साफ किया है कि यदि भविष्य में MDR लाया भी जाता है, तो वह सीमित merchant transactions पर होगा, consumer पर नहीं।

अमित मालवीय ने अपने पोस्ट में कहा, 'कांग्रेस जिन ₹25 और ₹50 की बात कर रही है, वे किसी सरकारी fee schedule के आंकड़े नहीं, बल्कि एक काल्पनिक 0.5% दर से निकाली गई मनगढ़ंत गणना हैं।' उन्होंने कहा, असलियत तो यह है कि UPI को free रखने के लिए सरकार खुद payment ecosystem को incentive दे रही है। FY22 से FY24 तक ही सरकार ने ₹1,389 करोड़, ₹2,210 करोड़ और ₹3,631 करोड़ के incentives दिए। 2025-26 में भी ₹2,196.21 करोड़ का incentive support दिया गया और FY27 के लिए ₹2,000 करोड़ budgeted है।

अमित मालवीय का कहना है कि जिस UPI को मोदी सरकार ने दुनिया का सबसे बड़ा real-time payment ecosystem बनाया, उसे मजबूत और sustainable बनाने की चर्चा को 'जनता से वसूली' बताना सिर्फ फर्जी डर फैलाने की राजनीति है। उन्होंने आगे लिखा, UPI पर जनता से 0.5% टैक्स नहीं लग रहा। कांग्रेस पहले तथ्य पढ़े, फिर ट्वीट करे।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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