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सैनिक स्कूलों में RSS की बढ़ती भूमिका का राहुल गांधी ने उठाया मुद्दा, संसदीय समिति अध्यक्ष ने मांगे सबूत

सूत्रों के अनुसार, संसदीय समिति की बैठक में राहुल गांधी ने सैनिक स्कूलों में 'RSS की बढ़ती भागीदारी' का मुद्दा उठाया; चेयरमैन ने उनसे अपने दावे के समर्थन में सबूत देने को कहा।

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राहुल गांधी (फाइल फोटो)

Photo : PTI

सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को रक्षा मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में शामिल हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि सैनिक स्कूलों में RSS की भागीदारी 'बेवजह बढ़ रही है' इस पर चेयरमैन राधा मोहन सिंह ने उनसे अपने दावे को साबित करने के लिए दस्तावेज़ उपलब्ध कराने को कहा।

सूत्रों के मुताबिक, चेयरपर्सन ने बताया कि राहुल गांधी की ओर से दिए गए दस्तावेज स्पष्टीकरण के लिए संबंधित मंत्रालय को भेजे जाएंगे। बताया जा रहा है कि बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से पूछा कि उन्होंने किस आधार पर यह आरोप लगाया है।

सैनिक स्कूल चलाने वाली संस्थाओं की योग्यता और सूची की जांच

सूत्रों के मुताबिक, चेयरमैन ने कहा कि संबंधित अधिकारी PPP मॉडल के तहत सैनिक स्कूल चलाने वाली संस्थाओं की योग्यता और सूची की जांच करेंगे। सूत्रों के अनुसार, पार्टनरशिप मॉडल के तहत सैनिक स्कूल चलाने के लिए विद्या भारती और सरस्वती शिशु मंदिर जैसी संस्थाओं को 70 सैनिक स्कूल आवंटित किए गए हैं।

रक्षा मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने DFG (2026-27) पर 'की गई कार्रवाई की रिपोर्ट' (Action Taken Reports) और 'सैनिक स्कूलों, राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (RIMC) और राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूलों की समीक्षा' विषय पर 'की गई कार्रवाई की रिपोर्ट' पर विचार करने और उन्हें अपनाने के लिए एक बैठक की।

DPSUs के प्रतिनिधियों के मौखिक बयान भी सुने

समिति ने 'रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पुराने DPSUs) का आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता-हितधारकों के रूप में MSMEs' विषय पर रक्षा मंत्रालय/DPSUs के प्रतिनिधियों के मौखिक बयान भी सुने। सरकार ने दिसंबर 2022 में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में NGO, प्राइवेट स्कूलों और राज्य सरकार के स्कूलों के साथ मिलकर 100 नए सैनिक स्कूल खोलने की पहल को मंजूरी दी थी।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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