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मोदी के आलोचक मनमोहन के फेवरेट रघुराम राजन का बड़ा कदम, क्या आर्थशास्त्री बनेंगे राजनेता

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Dec 14, 2022, 06:23 PM IST

Raghuram Rajan Joins Congress Bharat Jodo Yatra:रघुराम राजन यूपीए सरकार के दौर में साल 2013 में आरबीआई गवर्नर बने थे। और साल 2016 तक वह गवर्नर के पद पर रहे। इस दौरान करीब दो साल उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के दौर में आरबीआई गवर्नर के रूप में काम किया था।

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रघुराम राजन कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में हुआ शामिल

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • मोदी सरकार की नीतियों के आलोचक रहे हैं रघुराम राजन।
  • राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में हुए शामिल।
  • जीएसटी और नोटबंदी की कर चुके हैं आलोचना।

Raghuram Rajan Joins Congress Bharat Jodo Yatra: राजस्थान में बुधवार का दिन कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा,आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के कारण चर्चा में रही। रघुराम राजन राहुल गांधी की नेतृत्व में चल रही यात्रा में शामिल हुए। राहुल गांधी के साथ रघुराम राजन की यात्री की तस्वीरें आते ही राजनीति भी गरमा गई। एक तरफ कांग्रेस जहां इसे नफरत के खिलाफ देश जोड़ने के लिए खड़े होने वालों की बढ़ती संख्या बता रही है, वहीं भाजपा ने पूर्व गर्वनर पर तंज कस दिया है। पार्टी के प्रवक्ता अमित मालवीय ने रघुराम राजन की तुलना मनमोहन सिंह से कर डाली है। मोदी सरकार की नीतियों के आलोचक रहे रघुराम राजन का इस पूरे मामले पर अभी तक कोई बयान नहीं आया है लेकिन इस बात के कयास जरूर शुरू हो गए हैं कि क्या अर्थशास्त्री रघुराम राजन कांग्रेस का दामन थामने वाले हैं?

यूपीए सरकार में बने थे आरबीआई गवर्नर

रघुराम राजन यूपीए सरकार के दौर में साल 2013 में आरबीआई गवर्नर बने थे। और साल 2016 तक वह गवर्नर के पद पर रहे। इस दौरान करीब दो साल उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के दौर में आरबीआई गवर्नर के रूप में काम किया था। इसके पहले वह वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार भी रहे थे। इस बात को ध्यान दिलाते हुए अमित मालवीय ने ट्वीट में लिखा है कि कांग्रेस द्वारा नियुक्त किए गए आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन अपने आपको अगला मनमोहन सिंह कहे जाना पसंद करते हैं। हालांकि भारतीय अर्थव्यवस्था पर उनकी टिप्पणियों को खारिज कर दिया जाना चाहिए। क्योंकि यह रंगीन और अवसरवादी है ।

वहीं कांग्रेस नेताओं ने रघुराम राजन को निर्भीक बताया है। साथ ही उनकी मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना करने की प्रशंसा भी की है। इसके अलावा उनके द्वारा गवर्नर रहते हुए बैंकिंग रिफॉर्म के लिए उठाए गए कदमों की भी सराहना की है।

मोदी सरकार की नीतियों के आलोचक रहे हैं रघुराम राजन

साल 2014 में जब केंद्र में मनमोहन सिंह की सरकार की जगह नरेंद्र मोदी की सरकार आई, तो उस समय से ही रघुराम राजन का सरकार की नीतियों के साथ मतभेद रहा। चाहे ग्रोथ को बढ़ाने के लिए मोदी सरकार की ब्याज दरें सस्ता करने की नीति हो या फिर चीन की तरह भारत में मैन्युफेक्चरिंग बेस बढ़ाने के लिए लाई गई PLI स्कीम की बात हो, रघुराम राजन का नजरिया मोदी सरकार से उलट ही रहा ।

इसके अलावा उन्होंने मोदी सरकार की कार्यशैली और पीएमओ के जरूरत से ज्यादा दखल को लेकर भी सवाल उठाए । राजन ने मोदी सरकार के सबसे बड़े सुधार जीएसटी और कालाधन पर लगाम कसने के लिए नोटबंदी के फैसला की भी आलोचना की थी। इसे देखते हुए भाजपा ने आज उनके भारत जोड़ों यात्रा में शामिल होने को लिंक किया है। जाहिर है अगर रघुराम राजन अगर राजनीतिक पारी खेलते है, तो उन्हें कई राजनीतिक हमले झेलने पड़ेंगे।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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